शिव शर्मा की रिपोर्ट
मोहला । जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा किए गए कार्यों ने किसानों के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। कोटरी नदी पर ढारनी एनीकट निर्माण हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 293.92 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिसे सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस एनीकट से लगभग 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है, जिससे ग्राम ढारनी एवं कोरवा के किसान अब खरीफ फसलों की सिंचाई अपने स्वयं के साधनों से कर पा रहे हैं तथा जल का उपयोग निस्तारी कार्यों में भी कर रहे हैं। पहले जहां किसान वर्षा पर निर्भर रहते थे और जल अभाव के कारण उत्पादन सीमित थी। अब नियमित सिंचाई से फसलों की पैदावार बढ़ी है और किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुए है।
इसी प्रकार 183.44 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से रानाटोला जलाशय की मुख्य नहर का सी.सी. लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण किया गया, जिससे 273 हेक्टेयर की रूपांकित सिंचाई क्षमता को प्रभावी बनाया गया। पहले 120 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की कमी बनी हुई थी, जिसकी पूर्ति कर दी गई है तथा अतिरिक्त 9 हेक्टेयर क्षेत्र को भी सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। नहर की लाईनिंग से जल रिसाव कम हुआ और अंतिम छोर तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। इन दोनों परियोजनाओं ने क्षेत्र में जल प्रबंधन को सुदृढ़ किया है, कृषि उत्पादन बढ़ाया है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है।
