शिव शर्मा की रिपोर्ट
छुई खदान ii — वन विभाग द्वारा वनमंडल अधिकारी खैरागढ़ पंकज राजपूत के निर्देशन में तथा उपवनमडलाधिकारी मोना माहेश्वरी के दिशा निर्देश में वन परिक्षेत्र छुईखदान के विभिन्न ग्रामों एवं हॉट बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को जंगलों को आग से बचाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान में स्थानीय भाषा का उपयोग कर ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि जंगलों में आग लगाना या जलती आग को छोड़ देना गंभीर अपराध है, जिसके लिए 3 से 7 वर्ष की सजा अथवा 25,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। विकासखंड छुईखदान के घने जंगल जैव विविधता का खजाना हैं, जहां विभिन्न प्रकार की लघुवनोपज और औषधीय जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। नुक्कड़ नाटक के जरिये ग्रामीणों को इन प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता से अवगत कराया जा रहा है। वनों के विनाश से पर्यावरणीय असंतुलन, जल संकट और भूमि क्षरण जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस अभियान के अंतर्गत लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और जंगलों की रक्षा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम वन परिक्षेत्र अधिकारी अशोक वैष्णव के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है l
कार्यक्रम मुख्य रूप वन ग्राम मड़वाभाटा, कानीमेरा, हटबंज, बुढ़ानभाट , में आयोजित किया गया गांव में आयोजित नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया और वनों की सुरक्षा का संकल्प लिया l इस आयोजन में महिलाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और नुक्कड़ नाटक का आनंद लिया। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई।इस जागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और वनों की सुरक्षा का संदेश ग्रहण किया।
*वन हमारे जीवन का आधार – वन परिक्षेत्र अधिकारी*
छुईखदान वन परिक्षेत्र अधिकारी अशोक वैष्णव ने कहा कि वन हमारे जीवन का आधार है। ये हमें शुद्ध वायु, जल, औषधियां और जैव विविधता का संरक्षण प्रदान करते हैं। जलवायु संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक आपदाओं को रोकने में इनकी भूमिका अमूल्य है। हमें वनों की रक्षा के लिए आगे आना होगा। जंगलों को आग से बचाएं, अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं और यदि कहीं आग लगती है तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें, ताकि हम अपने पर्यावरण और प्राकृतिक धरोहर की रक्षा कर सकें।
