अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बाँदा- हज़रत सैय्यद जलाल शाह, रह0, जरैली कोठी का सालाना एक दिवसीय उर्स सोमवार की रात कव्वालियों की महफ़िल के साथ सम्पन्न हो गया ।
दरगाह कमेटी के अध्यक्ष इकबाल अहमद रिटा0 एस आई ने बताया सोमवार की सुबह से देर रात तक चले इस उर्स में सुबह फजिर की नमाज़ के बाद दरगाह में ग़ुस्ल की रस्म अदायगी हुई इसके बाद फातेहा हुई फातेहा के बाद लंगर (भंडारा )शुरू हुआ भण्डारा अलग अलग दो स्थानों में कराया गया हिन्दू भाई बहनों के लिए शाकाहारी भंडारे की व्यवस्था की गई ।
सारा दिन दरगाह में फातेहा पढ़ने और चादर चढ़ाने वालों का तांता लगा रहा हिन्दू मुस्लिम दोनों समुदाय के अकीदतमंदों ने मज़ार में माथा टेक कर मन्नतें मांगी ।
रात में इशा की नमाज़ के बाद दरगाह कमेटी की तरफ से दरगाह परिसर में चादर जुलूस उठाया गया और दरगाह में चादर चढ़ाई गई ।
इस चादर जुलूस में सज्जाद नशीन डाक्टर साबिर नियाजी, डाक्टर शीबू नियाज़ी, डाक्टर सिद्दीक खान, हाजी सईद अहमद पूर्व प्रशाशनिक अधिकारी, सहित बहुत से अकीदतमन्द शामिल हुए ।
इसके बाद महफिले शमा आयोजित हुई देर रात तक कव्वाल पार्टियों ने कलाम सुनाए लखनऊ से आये कव्वाल जुनैद मुरली ने कलाम सुनाया संसार हर को पूजे, गुरु को जगत सराहे, काबे में कोई ढूंढे काशी में कोई जाए ।
बाँदा की कव्वाल पार्टी वकील साबरी ने कव्वाली सुनाई, बहिश्त में भी पहुंच कर मुझे करार नहीं, ये कोई और जगह है मुक़ामे यार नहीं ।
देर रात तक चली कव्वालियों की महफ़िल के साथ ही इस उर्स का समापन्न हो गया ।
इस उर्स में साहिल यादव, इंतज़ार अहमद, अमन मिश्रा, इरफान खान, आरिफ खान, लल्ली खान, नत्थू भाई,भानु प्रताप यादव,श्रीकांत यादव,वीर सिंह आदि का सहयोग रहा अंत मे कमेटी अध्यक्ष इकबाल अहमद ने सभी का शुक्रिया अदा किया ।।
