जनपद होगा हर घर जल से संतृप्त, किसानों के लिए टेल तक पहुंचेगा पानी : मा0 जल शक्ति मंत्री*

Blog

 

सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट

मा0 जल शक्ति मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री स्वतंत्र देव सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में जल शक्ति विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई एवं जल जीवन मिशन से जुड़े अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक की। बैठक में नलकूप, जल जीवन मिशन, सिंचाई परियोजनाएं, जल संरक्षण, नदी पुनरुद्धार, चेक डैम एवं तालाबों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मा0 मंत्री जी ने योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं तथा जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान प्रगति धीमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों के पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। मा0 मंत्री जी ने निर्देश दिए कि एजेंसियां तत्काल मेनपावर बढ़ाकर रोड रेस्टोरेशन, पाइपलाइन लीकेज मरम्मत तथा जल आपूर्ति से जुड़े समस्त लंबित कार्यों में तेजी लाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लीकेज से संबंधित शिकायतों का निस्तारण 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।जी0वी0पी0आर0 एजेंसी को 15 फरवरी 2026 तक तथा बी0जी0सी0सी0 एजेंसियों को जून 2026 तक हर घर नल से जल पहुंचाने के निर्देश दिए गए। कार्यों में देरी होने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मा0 मंत्री जी ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि कार्यदायी एजेंसियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का नियमित सत्यापन कराया जाए तथा हर हाल में जनपद के प्रत्येक गांव को “हर घर जल” योजना से संतृप्त किया जाए। सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान मा0 मंत्री जी ने कहा कि नहरों का संचालन इस प्रकार किया जाए कि टेल तक समय से पानी पहुंचे। हाल ही में हुई नहर ओवरफ्लो की घटनाओं पर विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि लगातार वर्षा के कारण कुछ नहरों की सिल्ट सफाई नहीं हो पाई थी, जिसके कारण कुछ स्थानों पर समस्या उत्पन्न हुई। मा0 मंत्री जी ने निर्देश दिए कि किसानों की सिंचाई आवश्यकता समाप्त होते ही नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों के साथ नियमित रूप से जल चौपाल आयोजित की जाएं, जिसमें उन्हें यह जानकारी दी जाए कि नहरों में पानी कब आएगा और कब बंद रहेगा, जिससे किसानों को पूर्व तैयारी में सुविधा हो सके। उन्होंने बताया कि जनपद में लगभग तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता में वृद्धि हुई है तथा एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लघु सिंचाई का विस्तार हुआ है, जिससे किसानों की फसल उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मा0 मंत्री जी ने लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि यांत्रिक एवं विद्युत कारणों से खराब पड़े नलकूपों को निर्धारित समय सीमा में ठीक कराया जाए तथा जो नलकूप संचालित हैं, उनका रोस्टर के अनुसार किसानों की आवश्यकता के अनुरूप संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नलकूपों पर भी जल चौपाल आयोजित कर किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने जल संरक्षण को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि चेक डैम, तालाबों के जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन एवं नदी पुनरुद्धार कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। चेक डैम एवं तालाबों के माध्यम से भूजल स्तर को सुदृढ़ कर किसानों और ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाया जा सकता है। मा0 जल शक्ति मंत्री जी ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को शुद्ध पेयजल और किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिले। इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरजन, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *