शिव शर्मा की रिपोर्ट
छुईखदान। रानी अवंती बाई लोधी कृषि महाविद्यालय एवं पान रिचार्ज सेंटर, छुईखदान के संयुक्त तत्वाधान में पान उत्पादन को उन्नत एवं वैज्ञानिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस कड़ी में 19 दिसंबर से 26 दिसंबर 2025 तक मध्यप्रदेश के प्रमुख पान उत्पादक क्षेत्रों का अध्ययन एवं एक्सपोज़र भ्रमण आयोजित किया गया है।
इस भ्रमण के अंतर्गत प्रतिभागी पान बरेज, , जबलपुर, मंडला, पनागर, पान उमरिया, पन्ना, टीकमगढ़, महाराजपुर,, छतरपुर सहित अन्य क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां की उन्नत पान उत्पादन तकनीकों, शेडनेट हाउस प्रबंधन, रोपण पद्धति एवं विपणन व्यवस्था का प्रत्यक्ष अवलोकन करेंगे।
कार्यक्रम में बीएस असाटी (प्रभारी, पान अनुसंधान केंद्र छुईखदान), संजय महोबिया (पान उत्पादक कृषक संघ अध्यक्ष), कुश महोबिया (छुईखदान), संजे लाल जंघेल (गुमानपुर), हिसा राम गुढ़ी धारिया, दुर्गा राम साहू (छुईखदान), बलराम कौशल (सीता डबरी) सहित अन्य कृषक एवं प्रतिनिधि शामिल हैं, जो पान बरेजा निरीक्षण एवं तकनीकी जानकारी प्राप्त करने हेतु भ्रमण पर गए हैं।
विशेष रूप से छुईखदान के 06 पान उत्पादक कृषक, जिनके यहां पान की खेती हेतु शेडनेट हाउस की स्थापना की जा चुकी है, 19 से 25 दिसंबर 2025 के दौरान जबलपुर एवं छतरपुर (प्रमुख पान उत्पादक क्षेत्र) का गहन अध्ययन भ्रमण करेंगे। इस दौरान शेडनेट हाउस में रोपण हेतु लगभग 20,000 उन्नत किस्म की पान रोपण सामग्री का क्रय भी किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, इस अध्ययन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य कृषकों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना, उत्पादन लागत घटाकर गुणवत्ता एवं उत्पादन बढ़ाना तथा क्षेत्र में पान की खेती को आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी बनाना है। यह पहल आने वाले समय में छुईखदान क्षेत्र के पान उत्पादक किसानों के लिए नई संभावनाओं और बेहतर आय का मार्ग प्रशस्त करेगी।
