सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों के संबंध में की गई अभद्र और विवादित टिप्पणी को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को बांदा जिले के बुद्धिजीवियों और समाज के जागरूक नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से भेजा है। ज्ञापन में संतोष वर्मा की टिप्पणी को “निंदनीय, असंवैधानिक और नारी सम्मान के विरुद्ध” बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि अधिकारी द्वारा यह कहना कि “आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए, जब तक कि कोई ब्राह्मण अपनी बेटी हमारे यहां दान न कर दे या सम्बन्ध बनाने के लिए तैयार न हो जाए,” ना केवल भारतीय संस्कृति का अपमान है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, संविधान की भावना और सरकारी सेवा की आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।ज्ञापनकर्ताओं ने मांग की है कि केवल निलंबन जैसी औपचारिक कार्यवाही पर्याप्त नहीं है, बल्कि संतोष वर्मा को भारतीय प्रशासनिक सेवा से बर्खास्त करके उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि इस तरह के बयान देने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती है तो इसका गलत संदेश समाज में जाएगा और भविष्य में ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति होगी, जिससे महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द प्रभावित होगा। ज्ञापन देने वालों ने इसे “नारी सम्मान, ब्राह्मण समाज की गरिमा और भारतीय संविधान के खिलाफ हमला” बताते हुए केंद्र सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की है।
