आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
बांदा जनपद मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर बांदा फतेहपुर मार्ग में जनपद की सीमा से सटी बेंदा बालू खदान में इन दिनों जमकर ओवरलोडिंग और राजस्व की चोरी हो रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस खदान से धनबल,जनबल और अधिकारियों की लोकेशन लेकर बिना रवन्ना (एन ०आर) के ओवर लोड ट्रक निकाले जा रहे हैं। ग्रामीणों ने नाम ना छापे जाने की शर्त पर बताया कि खदान संचालक पहलवान का तक्का तंत्र बहुत सक्रिय है जिसके चलते अधिकारियों की लोकेशन लेकर ट्रकों को बिना वैद्य प्रपत्रों के बालू बेची जाती है तथा जल्द से जल्द पुल पार करवाकर जनपद की सीमा से बाहर निकाल दिया जाता है। कुछ ग्रामीणों ने यह तक जानकारी दी कि इनके द्वारा मीडिया का मैनेजमेंट भी एक मान्यता प्राप्त के माध्यम से किया गया है जिससे इस खदान की अवैध खनन और ओवरलोडिंग की खबरें समाचार पत्रों और टी वी चैनलों में प्रसारित ना हों। I
इतने सक्रिय और तगड़े नेटवर्क सिस्टम के बाद भी परिवहन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बेंदा खदान से निकले तीन ओवरलोड वाहनों को पकड़कर सीज करते हुए तिंदवारी थाने में निरुद्ध कर दिया। बांदा ए०आर ०टी० शंकर जी सिंह ने कहा कि जनपद में ओवरलोडिंग पर कार्यवाही चल रही है और आगे भी प्रभावी कार्यवाही चलती रहेगी। जिन तीन वाहनों को निरुद्ध किया गया है उनका विवरण निम्न है।, UP71- T 6779, UP71- T 8339, UP 71T- 8291 । उपरोक्त तीनों वाहनों को
ओवरलोड/बिना रवान्ना के थाना तिंदवारी में निरुद्ध किया गया है।
वहीं दूसरी तरफ आज रात मरौली 5 बालू माफियाओ के छूटे पसीने और दौड़ते रहे इस पार से उस पार
आज रात मरौली खण्ड 5 में कार्रवाई की सूचना के चलते डेसकॉन बिल्ट टेक के मालिक संजीव गुप्ता ने बहुत ही शातिराना अंदाज दिखाया बांदा प्रशासन को
अपनी सारी हैवीवेट पोकलैंड मशीनों को केन नदी पार कर चटगन गांव में किसानों की फसलों को रौंदते हुए उस पार करवा दी
बांदा प्रशासन में अच्छी पकड़ के चलते बार बार सारी पोकलैंड मशीनें बचा ले रहा है बालू माफिया संजीव गुप्ता
बीते कुछ दिनों पहले ही इसी मरौली खंड 5 में DM ने 54 लाख की पेनल्टी लगाई थी, शातिर संजीव गुप्ता ने पोकलैंड तब भी बचा ली थी। सवाल उठता है कि आखिर बरिष्ठ अधिकारियों की गोपनीय कार्यवाही की भनक समय से पहले खनन कारोबारियों को कैसे लग जाती है य तो कोई अस्तीन में छुपा हुआ है य वह लोकेशन बाज है जो देखने में कुछ है और काम अपराधियो के करता है खैर यह जानना हमारा काम नहीं शासन प्रशासन का है कि वह ऐसे अराजक तत्वों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करे जैसा पिछले सत्र में उस समय के मौजूदा बरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई थी नहीं इसी तरह कार्यवाही के नाम पर होती रहेगी लीपापोती।