रिपोर्ट सोनू करवरिया
नरैनी । आज एक घटना घटित हुई की खुरहण्ड मे राम मूरत अपनी ज़मीन को बटाई पर न देने की वजह से गांव के ही कुछ लोगों ने दिनांक 7 अगस्त को घर मे घुसकर गांव के राम मूरत सिंह और उसके परिवार को लाठी डंडो और राड से मारपीट की,जब आवाज़ सुनकर मृतक राम मूरत को बचाने के लिए गांव के अन्य लोग भी आ गए। आरोपी जल्दी जल्दी में भागने से अपना जूता,रॉड मृतक राम मूरत के घर के पास ही छोड़कर भाग गए। राम मूरत जब थाने में अपनी शिकायत लेकर गया तो मृतक राम मूरत को हि पूरी रात थाने मे बैठा लिया गया। और सुबह होने के बाद मे आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामूली धाराओं मे प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की।
उसके बाद उसी रंजिश के चलते 11 अगस्त को रात्रि लगभग 2 बजे राम मूरत पर पुनः हमला किया जाता है पीड़ित परिवार और मृतक के बच्चों के अनुसार आरोपियों ने हत्या को अंजाम दिया लगभग 3 बजे बच्चों की अचानक नींद खुली तो उन्होंने देखा की उनका पिता बाहर तड़प रहा है तो दौड़ कर बच्चे मृतक के बड़े भाई को बुलाकर लाए तब उस समय राम मूरत की सांसे चल रही थीं तब आनन फानन मे एम्बुलेंस को फोन किया गया और अस्पताल मे राम मूरत को भर्ती किया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पीड़ित परिवार थाना गिरवां मे हत्या की शिकायत पत्र दिया जिस पर एफआईआर नहीं दर्ज किया गया और पोस्टमार्टम के लिए डेड बॉडी भेज दी गई ।अभी तक आरोपियों पर हत्या की एफआईआर नहीं दर्ज हुई सूचना पाकर जिसकी जानकारी सवर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष उमेश तिवारी पीड़ित परिवार के यहां पहुंचे उन्होंने तत्काल एसओ गिरवां को फोन कई बार किया उन्होंने फोन नहीं उठाया उसके बाद क्षेत्राधिकारी नरैनी को कॉल किया गया उन्होंने फोन उठाकर काट दिया, सूचना पुलिस अधीक्षक को भी किया गया जहाँ से कहा गया की मामले की जानकारी कर आपको अवगत कराया जाता है। लेकिन दोबारा कोई कॉल नहीं आई ।जिलाध्यक्ष सवर्ण आर्मी ने मांग की है थाना पुलिस का यह रवैया अमानवीय है प्रशासन से अनुरोध है। मामले कि निष्पक्ष जांच कर सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर, अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना न्याय हित में आवश्यक है,जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके यदि बांदा प्रशासन निष्पक्ष कार्यवाही नहीं करता,तो यह मामला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास जाकर कार्यवाही की मांग रखी जाएगी। उमेश तिवारी एवं शालिनी सिंह पटेल प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ जेडीयू ने आक्रोषित परिवार को समझा बुझाकर मृतक के अंतेष्टि क्रिया को संपन्न कराया गया ।