अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बाँदा, 01 नवंबर 2026। महामहिम राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी की प्रेरणा से बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा में दिनांक 31 अक्टूबर एवं 01 नवंबर, 2026 को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस समारोह का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय सांस्कृतिक समिति एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के मध्य प्रदेश मूल निवासी शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. एस. वी. एस. राजू द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डॉ. शैलेन्द्र चौरसिया ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजीत सिंह, अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन प्रो. एस. वी. द्विवेदी, निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण प्रो. नरेंद्र सिंह, सह अधिष्ठाता सामुदायिक विज्ञान डॉ. वंदना कुमारी, सह अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी डॉ. आशीष दीक्षित सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. धीरज मिश्रा द्वारा किया गया।
समारोह के प्रारंभ में मध्य प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध संस्कृति एवं प्राकृतिक विविधता पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के सह प्राध्यापक डॉ. उपेंद्र सिंह ने व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं से परिचित कराया।
समारोह में मध्य प्रदेश की लोक संस्कृति एवं परंपराओं की मनमोहक झलक देखने को मिली। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा बघेलखंड एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के लोकगीतों की प्रस्तुति दी गई। सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की छात्राओं ने मालवा क्षेत्र का लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जबकि कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कर्मा एवं बधाई लोकनृत्य की आकर्षक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मकता, ज्ञान एवं सांस्कृतिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया रील, भाषण, पोस्टर निर्माण, प्रश्नोत्तरी एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे—
सोशल मीडिया रील प्रतियोगिता में कृषि महाविद्यालय के सत्यम यादव ने प्रथम, मानस द्विवेदी ने द्वितीय तथा सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की मान्या शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
भाषण प्रतियोगिता में कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अनुज यादव ने प्रथम, कृषि महाविद्यालय की प्रकाम्या श्रीवास्तव ने द्वितीय तथा खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की मरियम मलिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता में सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की मान्या शर्मा ने प्रथम, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की अनुभूति सक्सेना ने द्वितीय तथा कृषि महाविद्यालय की शिवांगी यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अंतर-महाविद्यालयीन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कृषि प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उद्यान महाविद्यालय की टीम द्वितीय तथा कृषि महाविद्यालय की टीम तृतीय स्थान पर रही। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय की टीम ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।
रंगोली प्रतियोगिता की थीम ‘मध्य प्रदेश की लोक कला और संस्कृति’ रखी गई थी। प्रतियोगिता में छह महाविद्यालयों के 34 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। इसमें कृषि महाविद्यालय की टीम ‘नर्मदा’ ने प्रथम, वानिकी महाविद्यालय की टीम ‘फॉरेस्ट्री वॉरियर्स’ ने द्वितीय तथा खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
समारोह के दौरान माननीय कुलपति प्रो. एस. वी. एस. राजू एवं अन्य अतिथियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अपने उद्बोधन में माननीय कुलपति जी ने मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अपनी गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, प्राकृतिक संपदा एवं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के कारण देश में विशिष्ट पहचान रखता है। इसे भारत का हृदय कहा जाता है। उन्होंने विशेष रूप से मध्य प्रदेश के वन संसाधनों एवं प्राकृतिक संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास के साथ-साथ वन, जल, भूमि एवं जैव विविधता का संरक्षण भी हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जनभागीदारी आधारित सतत विकास को बढ़ावा देने तथा भावी पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने पर बल दिया।
दो दिवसीय इस आयोजन ने विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल, ज्ञान एवं टीम भावना को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों के सहयोग और उत्साहपूर्ण सहभागिता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।
धन्यवाद ज्ञापन सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ पूनम पांडे ने किया।