अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। अतर्रा क्षेत्र में सुखारी पुरवा के रहने वाले मजदूर पेशा बृजेश कुमार की पत्नी सपना (24) पांच माह की गर्भवती है। कुछ दिन पूर्व उसके पेट में असहनीय पीड़ा हुई। पति उसे शनिवार को मेडिकल कालेज लेकर आया। यहाँ स्त्री रोग विशेषज्ञ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर के. सुषमा ने जांच कराई तो पता चला कि गर्भाशय से सटे हुए अंडाशय में बड़ी गांठ पनप रही है। यह शिशु के विकास में आड़े आ रही है। गर्भाशय मे दबाव बढ़ने से जच्चा-बच्चा दोनों की जान जाने का खतरा पैदा हो गया है। डा. के सुषमा ने अपनी टीम के साथ बुधवार को लगभग एक घंटे के आपरेशन के बाद भारी भरकम गांठ सफलता पूर्वक निकाल दी। शिशु या गर्भाशय को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। शिशु और गर्भवती सपना दोनों स्वस्थ हैं। फिलहाल सपना मेडिकल कालेज में भर्ती है।
चंद रुपये सरकारी शुल्क पर हुए इतने बड़े आपरेशन और पत्नी व शिशु की जान बचाने पर मजदूर ब्रजेश की आँखों में खुशी के आंसू आ गए।
प्रधानाचार्य डा. कौशल ने डा. सुषमा और उनकी टीम को सराहा। टीम में गायनी विभाग की एसआर डा. श्वेता, जेआर डा. साहिला और एनेस्थिसिया विभाग के डा. पंकज सिंह, एसआर डा. कौशल, डा. मयूर जेआर डा. साहिबा सहित ओटी की श्रुति एवं ऋचा शामिल रहीं।