*हड़ताल के बीच वैकल्पिक व्यवस्था बनी किसानों का सहारा, एआर कोऑपरेटिव ने उर्वरक बिक्री केंद्रों का किया निरीक्षण*

             अभिवादन एक्सप्रेस

            सनत कुमार बुधौलिया

उरई ।।रबी सीजन में किसानों को उर्वरक की किल्लत से बचाने के लिए जिलाधिकारी समीर के निर्देश पर की गई वैकल्पिक वितरण व्यवस्था प्रभावी साबित हो रही है। सहकारी समितियों के सचिवों एवं कर्मचारियों की हड़ताल के बीच जिला प्रशासन ने उर्वरक आपूर्ति की कमान संभालते हुए विभिन्न बिक्री केंद्रों से डीएपी का वितरण सुनिश्चित कराया। आज जनपद के चार उर्वरक बिक्री केंद्रों से कुल 261 किसानों को डीएपी उर्वरक वितरित किया गया। इससे रबी फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे किसानों को राहत मिली है।
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता शिव कुमार ने उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण कर वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान क्रय-विक्रय समिति उरई के उर्वरक बिक्री केंद्र से 75 किसानों, सहकारी संघ कैथेरी से 60 किसानों, जालौन बुंदेलखंड बहुउद्देशीय सहकारी समिति से 66 किसानों तथा पीसीएफ के कृषक सेवा केंद्र से 60 किसानों को डीएपी उर्वरक वितरित किया गया।जिलाधिकारी समीर ने कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। सहकारी समितियों में हड़ताल के कारण उर्वरक वितरण प्रभावित न हो, इसके लिए पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली गई थी। इसके अंतर्गत सहकारी संघों, क्रय-विक्रय समितियों, पीसीएफ, आईएफएफडीसी सहित विभिन्न संस्थाओं के कुल 23 केंद्रों से उर्वरक बिक्री की व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप खाद उपलब्ध हो सके।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। किसानों को खाद प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो तथा वितरण कार्य पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उर्वरक आपूर्ति एवं वितरण की निरंतरता बनाए रखी जाएगी।

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