अभिवादन एक्सप्रेस
अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा के निदेशक प्रसार डा. एन. के. बाजपेयी को उनके उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद् (उपकार), लखनऊ द्वारा सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार डा. बाजपेयी के प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों कृषकों तक नवीन कृषि तकनीकियों के प्रसार के साथ-साथ कृषि अनुसंधान के परिणामों को कृषकों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान देने हेतु प्रदान किया गया है। साथ ही डा. बाजपेयी के सफल नितृत्व में प्रसार निदेशालय, बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा के अधीन कार्यरत तीन कृषि विज्ञान केंद्रों यथा बाँदा, महोबा एवं झाँसी को कृषि प्रसार, कृषक प्रशिक्षण, नवीन कृषि तकनीकियों के प्रसार, कृषक के आय में वृद्धि तथा सम्बन्धित जिलों के कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए पुरस्कृत किया गया है।
निदेशक प्रसार, डा. एन. के. बाजपेयी के नेतृत्व में कुल 7 जिलों में 7 कृषि विज्ञान केन्द्र कार्यरत हैं। सभी सातों कृषि विज्ञान केन्द्र उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि देश में कृषकों में नवाचार व तकनीकी अंगीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें हैं। यह सम्मान उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद् (उपकार), लखनऊ के 37वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही जी द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष, श्री श्याम बिहारी गुप्ता जी, उपकार के अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता जी, महानिदेशक, उपकार डा. संजय सिंह जी, चन्द्र शेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति डा. संजीव गुप्ता व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कृषि विश्वविद्यालय, बाँदा के कुलपति प्रो. एस.वी.एस. राजू ने इस सम्मान के लिए निदेशक प्रसार, डा. एन. के. बाजपेयी को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की उन्नति उसके नेतृत्व क्षमता एवं दूरदर्शिता पर निर्भर करता है। डा. बाजपेयी के नेतृत्व में सभी कृषि विज्ञान केन्द्र अपने जिलों में किसानों के बीच अच्छा कार्य कर रहें है जिसके परिणाम स्वरूप विश्वविद्यालय के अधीन सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों को प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है। प्रो. राजू ने कृषि विज्ञान केन्द्र, बाँदा के केन्द्राध्यक्ष, डा. श्याम सिंह, कृषि विज्ञान केन्द्र, झाँसी के केन्द्राध्यक्ष, डा. निशी राय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, महोबा के प्रभारी, डा. रजनीश चन्द्र मिश्रा व केन्द्र के सभी वैज्ञानिकों एवं कर्मचारीगण को उनके सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी की बधाई दी। प्रो0 राजू ने बताया कि प्रदेष में बुन्देलखण्ड परिक्षेत्र में आने वाले सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों ने सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य करके राज्य एवं देश में अपना स्थान बनाया है। यह सभी केन्द्र वर्ष 2017 से कृषि विश्वविद्यालय बाँदा के आधीन कार्य कर रहे हैं। इतने कम समय में यह उपलब्धि प्रसंशनीय है।
डा. बाजपेयी ने बताया कि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा क्षेत्रानुकूल तकनीकियों के प्रसार हेतु मत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। इन केन्द्रों में संचालित गतिविधियों में गौ आधारित प्राकृतिक खेती/जैविक खेती/परंपरागत खेती के तकनीकी हस्तान्तरण हेतु एक-एक एकड़ का माडल स्थापित किया गया है। इसके अलावा एकीकृत फसल प्रणाली माडल, बागवानी, बीज उत्पादन, गाय एवं बकरी पालन, कुक्कुट इकाई, वर्मी कम्पोस्ट, नाडेफ व मधुमक्खी इकाई के साथ मशरूम उत्पादन इकाई भी संचालित है। इसके अलावा केन्द्रों द्वारा कृषक प्रक्षेत्र पर प्रदर्षन व ग्रामीण युवाओं एवं विस्तार कर्मियों को कृषि एवं कृषि से सम्बन्धित तकनीकियों के हस्तान्तरण हेतु विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं।