दीनदयाल साहू की रिपोर्ट
रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे गोबरा नवापारा के पटेवा स्थित एकेडमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में बाल काटने की घटना के बाद एक छात्र का स्कूल बदलना पड़ा गया। बताया जाता है कि 15 अक्टूबर 2025 को स्कूल में अनुशासन के नाम पर चौथी कक्षा के छात्र के लंबे बालों की चोटी बनाकर कैंची से काट दी गई थी। परिजनों ने इसकी शिकायत की, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराई। अब इस मामले में स्कूल की प्राचार्य पल्लवी मरार के खिलाफ गोबरा नवापारा पुलिस एफआईआर दर्ज करते हुए किशोर न्याय (बालकों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच रिपोर्ट में बच्चे को मानसिक परेशानी और शारीरिक असुविधा होने का उल्लेख है।
शिकायत के मुताबिक बाल काटे जाने की घटना के बाद बच्चा स्कूल जाने से डरने लगा। शिक्षा विभाग के निर्देश पर गठित दो प्राचार्यों की टीम ने 31 जुलाई 2026 को स्कूल पहुंचकर जांच की। टीम ने बच्चे और उसके माता-पिता के साथ प्राचार्य व संबंधित शिक्षकों के बयान भी दर्ज किए। जांच में रायपुर के धन्वंतरी अस्पताल की 5 जून 2026 की चिकित्सकीय रिपोर्ट को भी शामिल किया गया। इसमें बच्चे को नींद में परेशानी, चिड़चिड़ापन और स्कूल जाने से डरने जैसी समस्याएं होने का जिक्र है। घटना के बाद उसकी स्कूल में उपस्थिति भी अनियमित हो गई थी। अप्रैल 2026 से उसका दाखिला दूसरे स्कूल में करा दिया गया।
जांच के दौरान छात्र ने आरोप लगाया कि गृहकार्य अधूरा होने पर गणित शिक्षक अजय कुमार देवांगन ने उसका कान मरोड़ा था। हालांकि, शिक्षक ने जांच में शारीरिक दंड देने से इनकार किया। वहीं प्राचार्य पल्लवी मरार ने बच्चों के बाल व्यवस्थित कराने की बात स्वीकार की। जांच दल ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों को भविष्य में इस तरह का व्यवहार नहीं करने की चेतावनी देने की अनुशंसा की थी।
शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर गोबरा नवापारा पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।