अभिवादन एक्सप्रेस
सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। रबी सीजन के दौरान किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी समीर ने स्पष्ट किया है कि जनपद में खाद की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। सहकारी समितियों के सचिवों एवं कर्मचारियों की हड़ताल के दृष्टिगत किसानों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके तहत जनपद में विभिन्न सहकारी एवं अन्य संस्थाओं के केंद्रों से उर्वरक की बिक्री कराई जाएगी, ताकि किसानों को समय से खाद उपलब्ध हो सके। शासन द्वारा रबी सीजन में उर्वरक की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत सहकारी समितियों में हड़ताल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद समितियों के सचिवों एवं कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक वितरण व्यवस्था प्रभावी की है। सहकारी संघों के पांच, क्रय-विक्रय समितियों के तीन, पीसीएफ के तीन, आईएफएफडीसी के आठ तथा डीसीडीएफ, जालौन बहुउद्देशीय विपणन सहकारी समिति, इफको ई-बाजार एवं एग्रीजंक्शन के एक-एक केंद्र सहित कुल 23 केंद्रों से उर्वरक बिक्री की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों पर डीएपी उर्वरक की आपूर्ति की जा रही है। सहकारी संघों, क्रय-विक्रय समितियों एवं पीसीएफ के बिक्री केंद्रों पर रैक प्वाइंट से डीएपी की खेप 27 अक्टूबर तक पहुंच रही है, जबकि शेष केंद्रों पर 28 अक्टूबर से बिक्री शुरू हो जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में यदि संबंधित समितियों के सचिव एवं कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं, तो अपरिहार्य स्थिति में अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती कर समितियों के माध्यम से भी उर्वरक बिक्री कराई जाएगी। 27 अक्टूबर को भी वितरण कार्य नहीं करने वाले सचिवों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 की धारा 38 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई करते हुए समिति की सेवा से हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।