ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा एवं संगिनी कार्यकत्रियों ने शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर विरोध जताया। छिरिया सलेमपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एकत्र हुई कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए सीएचसी प्रभारी विनोद कुमार को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। कार्यकत्रियों ने मांगों पर ठोस निर्णय होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही।
आशा कार्यकत्रियों ने राज्य कर्मचारी का§ दर्जा दिए जाने, प्रतिमाह 21 हजार रुपये मानदेय निर्धारित करने तथा उनके परिवारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की प्रमुख मांग उठाई। इसके साथ ही अन्य लंबित मांगों का भी शीघ्र समाधान किए जाने की मांग की गई।
कार्यकत्रियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में आशा कार्यकत्रियों की अहम भूमिका है। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों के टीकाकरण, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी वे निभाती हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं और मांगों का समाधान नहीं हो रहा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान गायत्री, अमरावती, शशि, भारत कुमारी, अनिता, पूजा, सर्वेश, पार्वती, पूनम पाल, रिंकी, आरती, आशा, रेशमा, नीलम, कुंती, राजेश्वरी, पूजा पाल, दीपा देवी, जीवन ज्योति, नीता, प्रीति, शबाना व उर्मिला समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकत्रियां मौजूद रहीं।
कार्यकत्रियों ने कहा कि उनकी 12 सूत्रीय मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक और ठोस निर्णय लिए जाने तक आंदोलन एवं कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।