ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। रामलीला महोत्सव 2026 के नौवें दिन नगर के गोविंदेश्वर स्थित रामलीला भवन में बुंदेलखंड के कलाकारों द्वारा सूर्पणखा नासिका छेदन एवं सीता हरण की लीला का शानदार मंचन किया गया। सूर्पणखा के रूप में रिंकू व पायल रानी तथा भगवान राम की भूमिका में मनोज तिवारी काजू महाराज के बीच हुए प्रभावशाली संवादों को सुनकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
रामलीला के प्रथम दृश्य में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण पंचवटी पहुंचते हैं। इसी दौरान रावण की बहन सूर्पणखा वहां घूमते हुए आती है। श्रीराम को देखकर वह उन पर मोहित हो जाती है और उनके सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम उसे समझाते हैं, लेकिन वह नहीं मानती। इसके बाद सूर्पणखा क्रोधित होकर विकराल रूप धारण कर माता सीता की ओर बढ़ती है। इस पर लक्ष्मण उसका नाक-कान काट देते हैं।
अगले दृश्य में सूर्पणखा रोते हुए अपने भाई रावण के पास पहुंचती है और उसे पूरी घटना बताती है। बहन की दशा देखकर रावण क्रोधित हो जाता है और भगवान श्रीराम से बदला लेने के लिए माता सीता के हरण की योजना बनाता है। वह अपने मामा मारीच को स्वर्ण मृग का रूप धारण कर पंचवटी भेजता है। स्वर्ण मृग को देखकर माता सीता उसे पाने की इच्छा व्यक्त करती हैं। भगवान श्रीराम स्वर्ण मृग के पीछे चले जाते हैं।
इसके बाद परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए रावण साधु का वेश धारण कर माता सीता के पास पहुंचता है और छलपूर्वक उनका हरण कर लेता है। सीता हरण के दृश्य के दौरान कलाकारों के सजीव अभिनय और संवादों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
रामलीला के दौरान हास्य कलाकार पंचम दीवाना ने अपनी हास्य कला से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। उनके अभिनय और संवादों पर रामलीला भवन में बार-बार ठहाके गूंजते रहे।
मंचन में भगवान श्रीराम की भूमिका मनोज तिवारी काजू महाराज, लक्ष्मण की भूमिका शिपु पाराशर तथा सूर्पणखा की भूमिका रिंकू व पायल रानी ने निभाई। वहीं अन्य कलाकारों ने भी विभिन्न पात्रों का प्रभावशाली अभिनय किया। रावण की भूमिका कोटरा निवासी कलाकार ने निभाई। मंच का संचालन राजकुमार मिझौना द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री पवन चतुर्वेदी, अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी समेत रामलीला समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक मौजूद रहे।