बाँदा कृषि एवं  प्रोधयोगिकी  में भामा  परमाणु अनुसंधान मुंबई एवं कृषि विश्वविद्यालय, बाँदा के बीच वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं पर बैठक 

अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

 

बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), मुंबई एवं विश्वविद्यालय के बीच वैज्ञानिक एवं शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं को लेकर पारस्परिक बैठक का आयोजन सीनेट हॉल में किया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. एस.वी.एस. राजू ने की।

 

बीएआरसी, मुंबई से चार वैज्ञानिकों, डॉ. आनंद बल्लाल, अध्यक्ष, न्यूक्लियर एग्रीकल्चर एंड बायोटेक्नोलॉजी डिवीजन (NABTD), डॉ. सोफ्रामेनियन, डॉ. श्रद्धा सिंह एवं डॉ. अर्चना राय ने विश्वविद्यालय का भ्रमण किया। बैठक का प्रमुख उद्देश्य समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में अनुसंधान, शिक्षा तथा प्रौद्योगिकी प्रसार को बढ़ावा देना था.

 

माननीय कुलपति प्रो. राजू ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के पश्चात विश्वविद्यालय बीएआरसी के विभिन्न वैज्ञानिक कार्यक्रमों में सहयोग करेगा। डॉ. ए.के. श्रीवास्तव, निदेशक, पीएमईसी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. सी.एम. सिंह, सहायक निदेशक अनुसंधान ने विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक एवं अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी दी। डॉ. सोफ्रामेनियन ने न्यूक्लियर एग्रीकल्चर डिवीजन की प्रगति तथा संभावित सहयोग की शर्तों एवं प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला।

 

बैठक में दलहन, तिलहन, अनाज, फल, सब्जियों, पुष्प उत्पादन एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में परमाणु प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों पर चर्चा की गई। प्रस्तावित सहयोग से स्नातकोत्तर एवं पीएचडी विद्यार्थियों के अनुसंधान, जलवायु-अनुकूल किस्मों एवं प्रौद्योगिकियों के विकास तथा बुंदेलखंड के किसानों तक उन्नत तकनीकों के प्रसार को प्रोत्साहन मिलेगा।

 

इस अवसर पर कृषि एवं उद्यान महाविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे। अंत में डॉ. मुकुल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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