*- बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करने बनाएं विस्तृत कार्ययोजना-कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम*

 

  शिव शर्मा की रिपोर्ट

             मोहला । कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने तथा कुपोषण एवं एनीमिया की स्थिति में सुधार लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर ने हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक पूरक आहार एवं दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए नियमित निगरानी जरूरी है। संबंधित अधिकारी एवं मैदानी अमला बच्चों के स्वास्थ्य की सतत निगरानी करते हुए आवश्यकतानुसार उपचार एवं पोषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कुपोषित एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले बच्चों को बेहतर उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकतानुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो तथा चिन्हांकित बच्चों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की। विभागीय अधिकारी ने बताया कि अभियान के अंतर्गत स्कूल, कॉलेज सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस पर कलेक्टर श्रीमती सलाम ने कहा कि अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए केवल बालिकाओं तक सीमित न रखते हुए महिलाओं को भी इससे व्यापक रूप से जोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि एक ही मंच के माध्यम से एनीमिया, पोषण, स्वास्थ्य, फिटनेस, आत्मनिर्भरता एवं सेल्फ डिफेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बालिकाओं एवं महिलाओं को जागरूक किया जाए। उन्होंने इसके लिए तहसील स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं तक योजनाओं और आवश्यक जानकारी का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि बालिकाओं एवं महिलाओं को अपने स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। इसके लिए विभागीय योजनाओं को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए।
कलेक्टर ने पालना केंद्र तथा चाइल्ड हेल्पलाइन की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा जरूरतमंद बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती सलाम ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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