मंदसौर /नाहरगढ(तुलसीराम राठौर)–महर्षि अरविंद युवाओं से कहते हैं कि मात्र नौकरी पाने को लक्ष्य मत बनाओ, अपनी चेतना को ऊँचा उठाओ। अपने काम को ही पूजा बना लो। भारत विश्वगुरु मात्र डिग्रियों से नहीं, चरित्र से बनेगा। उपरोक्त विचार मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा आयोजित महर्षि अरविंदजी की जिला स्तरीय व्याख्यान माला में प्राचार्य सुदीप दास ने व्यक्त किये। शासकीय कन्या उच्चतर मा.वि.बालागंज में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक तृप्ती वैरागी, विकासखंड समन्वयक अर्चना भट्ट,नारायणसिंह निनामा सीतामऊ , शिक्षक प्रीति व्यास, शबाना खान उपस्थित थे। मुख्य वक्ता सुदीप दास प्राचार्य ने बताया कि महर्षि श्री अरविंद ने कहा था कि मनुष्य विकास की अंतिम कड़ी नहीं है। उन्होंने विकास के पाँच चरण बताए – जड़, प्राण, मन, विज्ञानमय मन और आनंद । महर्षि अरविंद आधुनिक युग में भी बहुत प्रासंगिक है क्योंकि उनके विकासवादी विचार आज वास्तविकता में साकार होते दिख रहे हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि अरविंदजी एवं सरस्वतीजी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ किया गया।कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता रूपदेवसिंह सिसोदिया ने किया। अंत में आभार विकासखंड समन्वयक़ नारायणसिंह निनामा ने माना। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत पौधा भेटकर किया गया एवं पौधारोपण किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रजीत भट्ट,अर्चना लेखपाल,परामर्शदाता अनिल सुमन, हेमंत गौड़,हरिओम गंधर्व,नवांकूर संस्था से दिनेश सोलंकी,रजनीश शर्मा,दशरथ नायक,कैलाश गुर्जर,रतनलाल चौहान,धारणा बामनिया,राजमल प्रजापत,सत्यनारायण एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थी,विद्यालय के समस्त शिक्षक,विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित थे। उपरोक्त जानकारी हरिओम गंधर्व द्वारा दी गई।