सोनू करबरिया की रिपोर्ट
नरैनी। अधिवक्ता को कोतवाली बुलाकर कथित रूप से डांट-फटकार लगाने, शांति भंग की कार्रवाई करते हुए चालान करने तथा हथकड़ी लगाकर एसडीएम न्यायालय में पेश किए जाने के मामले को लेकर अधिवक्ता संघ नरैनी ने कड़ी नाराजगी जताई है। संघ ने अधिवक्ता के साथ हुए कथित व्यवहार की निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया है।
अधिवक्ता संघ नरैनी के अध्यक्ष कमलेश कुमार द्विवेदी को संघ के अधिवक्ता शारदा प्रसाद राजपूत ने पत्र के माध्यम से पूरे प्रकरण से अवगत कराया। पत्र के अनुसार, अधिवक्ता अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। आरोप है कि उनके पड़ोसी नंदकिशोर, जो होमगार्ड के पद पर तैनात हैं और कोतवाली नरैनी में ड्यूटी करते हैं, निर्माण कार्य में कथित रूप से अवरोध उत्पन्न कर रहे थे। अधिवक्ता का कहना है कि निर्माण कार्य रोकने के संबंध में पड़ोसी के पास किसी न्यायालय का स्टे अथवा अन्य वैधानिक आदेश नहीं था।
अधिवक्ता का आरोप है कि इसी मामले को लेकर कोतवाली नरैनी में तैनात दरोगा दिलीप कुमार यादव ने होमगार्ड का पक्ष लेते हुए उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, अधिवक्ता को शांति भंग की कार्रवाई में चालान कर हथकड़ी लगाकर एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जिससे अधिवक्ता के सामाजिक सम्मान एवं प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने की बात कही गई है।
अधिवक्ता संघ ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के समक्ष मामले को उठाने का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर अधिवक्ता को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। यदि मामले में उचित एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है तो अधिवक्ता संघ आगे की रणनीति तय करते हुए आवश्यक कदम उठाएगा।
संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि अधिवक्ता के साथ इस प्रकार का व्यवहार अधिवक्ताओं के सम्मान एवं उनके विधिक अधिकारों के विपरीत है तथा मामले में अधिवक्ता अधिनियम एवं संबंधित वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन की भी जांच की जानी चाहिए।
अधिवक्ता संघ ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने तथा अधिवक्ता के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।