*मेधावी छात्रों, उद्यमियों और महिलाओं को मिला सीधा लाभ*
अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
*चित्रकूट: 8 जुलाई-* बुधवार का दिन धर्मनगरी चित्रकूट के लिए बेहद खास रहा। यहां पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 950 करोड़ रुपये की 124 योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। 950 करोड़ रुपये के महापैकज से न केवल चित्रकूट की अध्यात्मिक आभा निखरेगी बल्कि बरसों से बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे पाठा और मानिकपुर के सुदूर अंचलों की तकदीर भी बदलेगी। इस भारी-भरकम बजट से स्वीकृत कुल 124 परियोजनाओं में से मानिकपुर विधानसभा को 71 और सदर विधानसभा को 53 विकास कार्यों की सौगात मिली है जो स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन के नए द्वार खोलेगी।
*मेधावियों को प्रोत्साहन और जरूरतमंदों को मिला संबल*
इस भव्य कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं के साथ-साथ सीधे जन-जन को सशक्त करने का काम किया गया। मुख्यमंत्री ने मंच से खुद 10 प्रमुख लाभार्थियों को चेक, स्मार्ट फोन और चाबियां सौंपकर जिले की नई पीढ़ी और मातृशक्ति को बड़ी सौगात दी। जिसके क्रम में हाईस्कूल की टॉपर छात्रा मानसी तिवारी और इंटर के छात्र ऋषभ रावत सिंह को शिक्षा क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन के लिए एक-एक लाख रुपये के प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया गया। वहीं ‘सीएम युवा उद्यमी’ योजना के तहत उभरते लाभार्थी विजय कुमार और सत्यम मिश्रा को उद्यम शुरू करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया गया। साथ ही डिजिटल इंडिया अभियान को गति देते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रेमलता व आकृति शर्मा को स्मार्ट फोन सौंपे गए। वहीं संगीता देवी और अनीता यादव के चेहरे उस वक्त खुशी से खिल उठे जब उन्हें प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत उनके अपने पक्के घर की चाबियां दी गईं। इसके अलावा आपदा पीड़ितों की मदद के तहत कृषक दुर्घटना की लाभार्थी मुन्नी देवी और दैवीय आपदा की शिकार आरती देवी को भी सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए।
*पर्यटन और आस्था का अनूठा संगम*
चित्रकूट को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पर्यटन विभाग की योजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। कामदगिरि परिक्रमा मार्ग के सौंदर्यीकरण से लेकर राजापुर में तुलसी स्मारक उपवन के निर्माण तक आस्था के केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। रात के समय भी धर्मनगरी जगमगाए इसके लिए पर्यटन चौराहा से रामघाट, शिवरामपुर तिराहा और बेड़ी पुलिया से मंदाकिनी होटल तक डेकोरेटिव व स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जा रही है। रामघाट पर पीए सिस्टम की स्थापना से अब पूरे घाट में एक साथ मंत्रोच्चार और सूचनाएं गूंजेंगी।
*सड़कों के जाल से सुरक्षित होगा सफर*
लोक निर्माण विभाग की सर्वाधिक 61 परियोजनाओं से जिले की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। जिसके क्रम में शिवरामपुर खोही से पीली कोठी तक सीसी मार्ग और नाली निर्माण से जलभराव की समस्या खत्म होगी। वहीं अंतरराज्यीय सीमा पर देवांगना घाटी के पास भव्य गेट और प्रकाश व्यवस्था पर्यटकों का स्वागत करेगी। सबसे महत्वपूर्ण कार्य मानिकपुर की काली घाटी के ‘ब्लैक स्पॉट’ पर ‘सेफ साइट डिस्टेंस’ का है। जिससे इस दुर्घटना संभावित क्षेत्र में मोड़ों को सुरक्षित कर हादसों पर लगाम लगाई जा सकेगी। इसके अलावा 20 पुल-पुलियों की मरम्मत से ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क शहर से आसान होगा।
*सिंचाई के संकट से मिलेगी मुक्ति*
बुंदेलखंड के किसान हमेशा से पानी की किल्लत से जूझते रहे हैं। इस बार सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के तहत बरुआ नहर की पुनर्स्थापना, चिल्ली मल नहर प्रणाली का जीर्णोद्धार और लमिहारी पंप नहर के आधुनिकीकरण को हरी झंडी दिखाई गई है। यमुना नदी किनारे पूरब पताई में इंटेकवेल सुरक्षा कार्य होने से पेयजल और सिंचाई दोनों मोर्चों पर राहत मिलेगी। बाग नदी, बरदहा नदी और वाल्मीकि नदी पर दीर्घ सेतु के निर्माण से बारिश के दिनों में टापू बनने वाले दर्जनों गांवों की राह आसान होगी।
*शिक्षा और सामाजिक उत्थान को गति*
मऊ और रायपुर कल्याण में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के एकेडमिक ब्लॉक व छात्रावास के निर्माण से बेटियों को पढ़ाई के लिए घर से दूर असुरक्षित सफर नहीं करना पड़ेगा। वहीं मानिकपुर के सरहट में दिव्यांग बच्चों के लिए नवीन संकेत जूनियर हाईस्कूल और बरुगढ़ के राजकीय पॉलिटेक्निक में पुरुष छात्रावास का निर्माण युवाओं के उच्च शिक्षा के सपने को उड़ान देगा। कहा जाए तो इन सभी दूरगामी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से जहां स्थानीय नागरिकों को आवागमन, पानी और शिक्षा की मुश्किलों से निजात मिलेगी। वहीं ‘रामायण सर्किट’ के प्रमुख केंद्र चित्रकूट में पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्थानीय व्यापार और रोजगार को भारी उछाल मिलना तय है।
