सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनपद के किसानों से अपील करते हुए कहा है कि खरीफ सीजन को देखते हुए जनपद में सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में 13,768 मीट्रिक टन यूरिया, 9,941 मीट्रिक टन डीएपी, 339 मीट्रिक टन एमओपी (पोटाश), 1,602 मीट्रिक टन एनपीके तथा 1,194 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा आवश्यकता के अनुसार अधिकृत विक्रेताओं एवं सहकारी समितियों से ही उर्वरक खरीदें। जिलाधिकारी ने कहा कि उर्वरकों का असंतुलित एवं अत्यधिक प्रयोग मिट्टी की उर्वरा शक्ति को प्रभावित करता है, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है तथा खेती की लागत बढ़ाने के साथ उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए किसान कृषि वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित मात्रा में ही संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें, जिससे फसल उत्पादन बढ़े और भूमि की उर्वरा शक्ति भी बनी रहे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री प्रणाम योजना के तहत संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसान अनावश्यक रूप से उर्वरकों का भंडारण न करें, उर्वरक खरीदते समय आधार कार्ड साथ रखें तथा विक्रेता से कैश मेमो अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने नाइट्रोजन की टॉप ड्रेसिंग के लिए सामान्य यूरिया के स्थान पर नैनो यूरिया के प्रयोग को भी अपनाने की सलाह दी, जिससे पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है। जिलाधिकारी ने किसानों से फसलवार अनुशंसित उर्वरक मात्रा के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि संतुलित पोषण से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक बेचता है, टैगिंग करता है अथवा अन्य अनियमितता करता है तो किसान तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा संबंधित अधिकारियों को शिकायत करें। ऐसी शिकायतों पर तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
