*योगी सरकार ने किसानों के लिए बढ़ाई सुविधाएं तो धान की पैदावार में होने लगी साल दर साल बढ़ोतरी*

Blog

  अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

 

*बांदा: 2 जून-* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों को दी जा रही आधुनिक सुविधाओं के कारण बांदा जिले में कृषि के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार द्वारा सिंचाई, न्यूनतम समर्थन मूल्य और उन्नत बीजों की समय पर उपलब्धता कराने से जिले में हर साल धान की बुवाई का दायरा (रकबा) बढ़ रहा है। खरीफ सीजन में बांदा के किसान तय लक्ष्य से अधिक जमीन पर धान की बुवाई कर रहे हैं। जिससे पैदावार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और स्थिति यह है कि अब सरकार ने यहां पर धान की बढ़ रही लगातार पैदावार को देखते हुए यहां के धान की पैदावार के लक्ष्य को कम किया है और दलहन और तिलहन की फसलों का लक्ष्य बढ़ाने का फैलसा लिया है।

 

*पलायन रुका, नौकरी छोड़ खेती की तरफ लौट रहे युवा*

 

पर्यावरणविद् और पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने इस सकारात्मक बदलाव पर खुशी जाहिर की है। इन्होंने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और सिंचाई संसाधनों में लगातार विस्तार किया जा रहा है जिसके कारण बांदा का किसान अब ‘पानीदार’ हो रहा है। इन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा सामाजिक असर यह हुआ है कि क्षेत्र से होने वाला पलायन अब रुक गया है और शहर गए पढ़े-लिखे युवा अब अपनी नौकरियां छोड़कर गांवों की तरफ लौट रहे हैं और आधुनिक खेती अपनाकर शानदार मुनाफा कमा रहे हैं।

 

*धान की जगह अब दलहन-तिलहन को बढ़ावा देगी सरकार*

 

कृषि विभाग के आंकड़ों और जमीनी हकीकत को देखते हुए सरकार अब नई रणनीति पर काम कर रही है। बांदा के उप कृषि निदेशक डॉ. अभय कुमार यादव ने बताया कि हमारे जिले में पर्याप्त सिंचाई संसाधनों के चलते धान की पैदावार तो लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके कारण स्थानीय किसान दलहन और तिलहन की फसलों से दूरी बना रहे हैं। जिसके चलते इस असंतुलन को ठीक करने के लिए योगी सरकार ने अब धान के निर्धारित लक्ष्य (टारगेट) को कम करने का फैसला किया है। इन्होंने बताया कि सरकार का पूरा ध्यान अब किसानों को दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रेरित करने और उन्हें इसके लिए विशेष सुविधाएं व लक्ष्य देने पर केंद्रित है, ताकि बुंदेलखंड की कृषि को और अधिक विविधीकृत और टिकाऊ बनाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *