सोनू करबरिया की रिपोर्ट
नरैनी नगर में अवधेश कुमार मिश्रा जी के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पावन अवसर पर दिनांक 27 मार्च 2026 को भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी का दिव्य विवाह बड़े ही धूमधाम और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस अलौकिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

विवाह समारोह के दौरान कथा व्यास देवी राधिकाजी के मधुर प्रवचनों और संगीतमय प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही विवाह की रस्में प्रारंभ हुईं, पूरा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु इस दिव्य मिलन के साक्षी बनकर भाव-विभोर हो गए।
कार्यक्रम स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था, जहां फूलों की साज-सज्जा और आकर्षक झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। बारात के स्वागत से लेकर जयमाल और फेरे तक की सभी रस्में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराई गईं, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यह विवाह उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, समर्पण और संस्कारों का संदेश देने का माध्यम है। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस दिव्य आयोजन ने नरैनी में आध्यात्मिक वातावरण को और भी प्रखर बना दिया, और श्रद्धालुओं के मन में भक्ति की नई ऊर्जा का संचार किया।
