अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा: 29 जनवरी- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार शिक्षा के क्षेत्र में सार्थक कार्य कर रही है। सरकार जनपद स्तर पर मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनवाने जा रही है। ये विद्यालय प्री प्राइमरी से लेकर 12वीं तक होंगे। बांदा जिले की दो तहसील क्षेत्र में इन विद्यालयों को खोल जाना है। जिसके लिए भूमि का चयन कर लिया गया है और प्राक्कलन तैयार कर राज्य सूचना कार्यालय लखनऊ भेज दिया गया है। वहीं ग्रांट मिलने के बाद इन विद्यालयों के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह विद्यालय 5 एकड़ से अधिक भूमि पर बनाए जाएंगे और एक विद्यालय को बनाने में लगभग 25 करोड रुपए खर्च होंगे। विद्यालय में 42 आधुनिक कक्ष बनाए जाएंगे जिसमें 1500 बच्चे पठन-पाठन कर सकेंगे।
पैलानी के सिंधन कला व नरैनी के भसरौड़ गांव में बनेंगे विद्यालय
पैलानी तहसील क्षेत्र के सिंधन कला गांव में व नरैनी तहसील क्षेत्र के भसरौड़ गांव में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनाए जाने हैं। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा मिले और वह भी अपने सपनो को पंख लगा सकें।
डिजिटल उपकरणों की व्यवस्था के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं भी बनाई जायेगीं
प्रस्तावित विद्यालय भवन में छात्र-छात्राओं को आधुनिकतम शैक्षणिक प्रवेश मिले इसको लेकर 42 कक्षाएं यहां बनाई जाएंगीं। साथ ही खेल का मैदान एवं कौशल विकास के संसाधनों को भी यहां पर विकसित किया जाएगा। इन विद्यालयों में नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्री प्राइमरी से 12वीं तक अलग-अलग कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इसके अलावा कक्षा 11 एवं 12 के लिए विज्ञान, कला एवं वाणिज्य विषयों के लिए अलग-अलग कक्षाओं को बनाया जाएगा। प्रत्येक कक्षा में बच्चों को डिजिटल एजुकेशन प्लेटफार्म एवं डिजिटल लर्निंग के माध्यम से गुणवत्ता परक शिक्षा दी जाएगी। जिसके लिए स्मार्ट क्लास की स्थापना एवं डिजिटल उपकरणों की व्यवस्था के साथ-साथ आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं भी बनाई जायेगीं। जिसमें कंप्यूटर लैब व डिजिटल लाइब्रेरी इत्यादि होंगी।
पठन पाठन, खेल कूद व कौशल विकास से संबंधित सभी व्यवस्थाएं होंगीं
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी ने बताया कि जिले में 2 जगह मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनाये जाने हैं। जिसको लेकर भूमि का चयन कर लिया गया है और दोनों विद्यालयों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्थाएं नामित कर दी गई हैं। एक विद्यालय के निर्माण में 25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। और ये विद्यालय एकदम आधुनिक होंगे जिसमें बच्चों के पठन पाठन, खेल कूद व कौशल विकास से सम्बंधित सभी व्यवस्थाएं होंगीं।
