शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव- डोंगरगढ़। धर्म नगरी डोंगरगढ के निजी चिकित्सालय श्रीराम कृपा हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में आ गई डॉ महेश तिवारी पर पीड़ित महिला श्रीमती कीर्ति डकहा ने पूरे मामले की शिकायत राज्य मानव अधिकार आयोग सहित उच्च अधिकारियों से की है लेकिन आज पर्यन्त तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने से पीड़ित परिवार में आक्रोश व्यक्त है क्या है पूरा मामला आइए जानते है पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि डॉ महेश तिवारी के क्लीनिक में आपरेशन थिएटर नहीं होने के बावजूद मेरा ऑपरेशन किया बोला छोटा सा चिरा मार कर गांठ को निकल देंगे फिर आप ठीक हो जावेंगे इस तरह उन्होंने मेरा ऑपरेशन कर मेरा शरीर को खराब कर दिया और आज में कैंसर से जूझ रही हु उपचार में गंभीर लापरवाही और अनियमितता के आरोपों के बाद जांच के दायरे में आ गया है।लेकिन अब तक डॉ या उनके क्लिनिक पर कोई कार्यवाही नहीं हुई पूरे मामले को लेकर पूर्व ने श्रीमती कीर्ति डकहा (पति अरविंद डकहा) ने इस संबंध में मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, रायपुर को विस्तृत लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता महिला के अनुसार, अगस्त 2024 में उन्होंने श्री राम कृपा हॉस्पिटल डोंगरगढ़ में उपचार कराया था। महिला का आरोप है कि इलाज के दौरान पर्याप्त पैथोलॉजी जांच एवं रिपोर्ट के बिना उपचार किया गया तथा बाद में कथित रूप से ऑपरेशन भी किया गया। शिकायत में उल्लेख है कि इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार होने के बजाय शारीरिक तकलीफ बढ़ती चली गई।
महिला ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि बाद में नागपुर स्थित एक अन्य अस्पताल में जांच कराने पर उन्हें गंभीर बीमारी की जानकारी मिली, जिससे यह आशंका और गहरी हो गई कि प्रारंभिक उपचार के दौरान उन्हें समुचित जानकारी नहीं दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि लंबे समय तक इलाज चलता रहा, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

इलाज के पहले का फोटो
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब उन्होंने इलाज को लेकर सवाल उठाए, तो उन्हें कथित रूप से डराने-धमकाने और शिकायत न करने की बात कहो गई, जिससे वह मानसिक रूप से भी आहत हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला ने स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ मानव अधिकार आयोग, राज्य मेडिकल काउंसिल, पुलिस प्रशासन एवं अन्य अन्य संबंधित विभागों को भी शिकायत की प्रतिलिपि भेजी है। मामले में प्रतिक्रिया जानने के लिए जब डॉ. महेश कुमार तिवारी से उनका पक्ष जानना चाहा, तो डॉक्टर ने यह कहते हुए वर्जन देने से इनकार कर दिया कि मामला जांचाधीन
है और वह फिलहाल कुछ भी नहीं कहेंगे। इसके बाद टीम द्वारा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) से संपर्क करने का प्रयास किया गया,
लेकिन बीएमओ कार्यालय में उपस्थित नहीं थीं। कार्यालय से जानकारी मिली कि वे किसी बैठक में गई हुई हैं। मामले को लेकर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न से जब सवाल किया गया, तो उन्होंने बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही जांच रिपोर्ट सामने आ जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
