विधिक जागरुकता शिविर का भागवत प्रसाद मेमोरियल एकेडमी बांदा में हुआ आयोजन

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सुनील सक्सेना की रिपोर्ट

माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण-नई दिल्ली तथा उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में एवं माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्षा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा श्रीमती अल्पना जी के निर्देशन में आज दिनांक 28-11-2025 को “यौन अपराधों से बालिकाओं की सुरक्षा अधि0-2012 (POCSO Act), PCPNDT Act, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों की प्रतियां क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होने” के सम्बंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन भागवत प्रसाद मैमोरियल इण्टर कालेज, जिला बांदा में दिन 12:30 बजे से किया गया। शिविर की अध्यक्षता श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा की गयी।

श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा ने अपने सम्बोधन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अन्तर्गत बताया कि शिक्षा का अधिकार एक प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार हैं। प्रत्येक बच्चे या व्यक्ति को निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा पाने अधिकार हैं, चाहें उसकी जाति, लिंग, राष्ट्रीयता या जातीयता कुछ भी हों। इस अधिनियम के तहत प्राईवेट/निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों और वंचित समूहों के बच्चों के लिए आरक्षित की गयी हैं। इस प्राविधान का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जिससे वे समाज में समान अवसर प्राप्त कर सकें। यह अधिनियम प्राथमिक विद्यालयों के लिए बुनियादी मानक स्थापित करता है और प्रवेश शुल्क व बाल साक्षात्कार का विरोध करता हैं एवं गैर मान्यता प्राप्त सस्थानों के संचालन पर रोक लगाता हैं। किसी भी बच्चे को किसी भी प्रकार का शुल्क, प्रभार या व्यय देने की आवश्यकता नही होगी, जो उसे प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने और उसे पूरा करने में बाधा डालें, सिवाय उस बच्चें के जिसे उसके माता-पिता ने ऐसे स्कूल में दाखिला दिलाया हो जिसे सम्बन्धित सरकार वित्तपोषित नहीं करती हैं। यह अधिनियम विद्यालयों को किसी भी प्रकार का कम्पटीशन शुल्क लेने या प्रवेश के लिए छात्रों की स्क्रीनिंग करने से रोकता है। सभी विद्यालयो के लिए एक समान पाठ्यक्रम निर्धारित करता हैं ताकि सभी बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत 06 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए बुनियादी शिक्षा में प्रवेश, उपस्थिति और पूर्णता सुनिश्चित करने का दायित्व सक्षम सरकार और स्थानीय प्राधिकारियों पर हैं।

श्री वरुण राय सक्सेना सहायक प्रोफेसर, सन्त कृपाल सिंह विधि महाविद्यालय-बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में महिलाओं को प्राप्त मुफ्त कानूनी सहायता, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाव, देश की प्रत्येक महिला को सुरक्षा की भावना प्रदान करना, पुरुषों के समान पारिश्रमिक का लाभ आदि के सम्बंध में विस्तार से व्याख्यान किया गया। महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या, मानव तस्करी, पीछा करना, यौन शोषण, लिंग के आधार पर परेशान करना, यौन उत्पीड़न और इनमें सबसे भयावह अपराध बलात्कार जैसे अत्याचारों का शिकार होना पड़ता है। ऐसे उत्पीडन का शिकार असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाएं, घरेलू काम करने वाली महिलाए, निजी या सरकारी संगठनों में कार्य करने वाली महिलाएं होती है। श्री वरुण राय ने बताया कि महिलाओं को ऐसी किसी प्रकार की समस्या होने पर वे अपना प्रार्थना पत्र कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा स्वयं आकर अथवा डाक के माध्यम से भी दे सकती है जिस पर उन्हे मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जायेगी।

श्रीमती सुमन शुक्ला, पराविधिक स्वयं सेवक ने बताया गया कि यदि किसी महिला अथवा बालिका के साथ कोई व्यभिचार, अश्लील ढगं से इशारे करना अथवा घर के सदस्य द्वारा ऐसा व्यवहार किया जाता है तो उसे तुरन्त संज्ञान में लेकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए जिससे भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके। बालिकाओं के साथ होने वाले दुव्यवहार, लैंगिक शोषण से बचाव हेतु वे कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा में प्रार्थना पत्र दे सकती हैं अथवा जनपद न्यायालय में महिलाओं हेतु गठित समिति के समक्ष भी अपना प्रार्थना पत्र देकर शिकायत कर सकती हैं।

सुश्री अनीता वर्मा, काउन्सलर-वन स्टॉप सेण्टर, जिला प्रोबेशन कार्यालय बांदा द्वारा जिला प्रोबेशन कार्यालय-बांदा से महिलाओं को प्राप्त होने वाली सहायताओं के सम्बंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी। महिला हेल्प लाइन नं0-181 (वनस्टॉप सेण्टर) के जरिये सुरक्षा प्रदान करने के प्राविधानों का विस्तार से वर्णन किया।

शिविर के अन्त में श्री अंकित कुशवाहा-कालेज प्रबन्धक द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर श्री शिवेन्द्र गुप्ता प्रधानाचार्य, अध्यापिका श्रीमती कविता, श्री विनय प्रताप तिवारी-अध्यापक, सन्त कृपाल सिंह विधि महाविद्यालय, ग्रमा लामा-बांदा तथा श्री राशिद अहमद-डी.ई.ओ. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा के साथ समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रही।

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