सुशील कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
जनसेवा के प्रति संवेदनशीलता और कर्तव्यपरायणता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अजीत कुमार, आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा ने एक असहाय परिवार के किशोर की जान बचाने हेतु तत्काल कार्यवाही की। मामला जनपद महोबा के ग्राम इटौरा, थाना महोबकंठ का है। यहां निवासी इन्द्रजीत राजपूत के नाती को सड़क पर खड़े ट्रैक्टर से गिर जाने के कारण आंख व पैर में गंभीर चोटें आईं। घायल किशोर को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पनवाड़ी में भर्ती कराया गया, किन्तु चिकित्सकों की लापरवाही के चलते उसे बिना समुचित उपचार के जिला अस्पताल, महोबा रेफर कर दिया गया। परिजन जब जिला अस्पताल पहुँचे, तो वहाँ भी डाक्टरों द्वारा किशोर को भर्ती करने से मना कर दिया गया, जिससे परिवारजन अत्यंत व्यथित हो उठे। इस गंभीर स्थिति की जानकारी जनपद महोबा के सजग नागरिक श्री विक्रम परिहार ने दिनांक 26 अक्टूबर 2025 की मध्य रात्रि 11:21 बजे आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल, बाँदा को उनके सीयूजी नम्बर पर दूरभाष के माध्यम से दी। आयुक्त अजीत कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और मुख्य चिकित्साधिकारी, महोबा से दूरभाष पर वार्ता कर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित कराई। साथ ही, स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही बरतने वाले संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।निर्देशों के अनुपालन में घायल किशोर को तत्काल जिला अस्पताल, महोबा में भर्ती कर समुचित उपचार प्रदान किया गया। आयुक्त की त्वरित पहल के परिणामस्वरूप किशोर की जान बच गई और वर्तमान में वह पूर्णतः स्वस्थ है। आयुक्त अजीत कुमार ने इस अवसर पर कहा कि “जनता की प्रत्येक समस्या पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही करना प्रशासन का परम दायित्व है। शासन की अपेक्षा यही है कि कोई भी नागरिक उपेक्षा का शिकार न हो।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय में केवल भौतिक रूप से दिए गए प्रार्थना पत्रों पर ही नहीं, बल्कि फोन, ईमेल या अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर भी तत्काल संज्ञान लेकर कार्यवाही की जाती है।
