सनत कुमार बुधौलिया ,,नीरज कुमार
जालौन,,अचानक बदले मौसम ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जनपद में हुई तेज बारिश के कारण कई गांवों में खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। जिन खेतों में किसान मटर, मसूर सहित रबी की दलहनी फसलों की बुवाई कर चुके थे, वे पानी में डूबने से सड़ने लगी हैं। खेतों में भरा पानी तालाब जैसा दृश्य पैदा कर रहा है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और हजारों रुपये की लागत बर्बाद होने के कगार पर है।
ग्रामीणों के अनुसार, अचानक हुई भारी वर्षा ने स्थिति गंभीर कर दी है। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने बुआई, खाद और मजदूरी पर काफी खर्च किया था, अब फसल का भविष्य अनिश्चित दिख रहा है। यदि पानी जल्द नहीं निकला तो पूरी फसल नष्ट हो सकती है, जिसका सीधा असर किसानों की आय और आने वाले फसल चक्र पर पड़ेगा। मौजूदा परिस्थिति ने किसान परिवारों के सामने आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा कर दिया है।
इसी स्थिति को देखते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, “किसान की फसल केवल अन्न नहीं, उसका जीवन है। शासन और प्रशासन तुरंत सर्वे कराए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान करे, ताकि कोई किसान अपनी मेहनत पर आंसू न बहाए। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का सही आकलन कर जल्द से जल्द राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। समय पर कार्रवाई न होने पर किसानों के सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा हो सकता है।
