सोनू करबरिया की रिपोर्ट
नरैनी (बांदा):
नगर पंचायत नरैनी और लोक निर्माण विभाग (PWD) बांदा पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। नरैनी के समाजसेवी सोनू करवरिया ने करीब 40 दिन पूर्व दोनों विभागों से आरटीआई (RTI) के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी थीं, लेकिन निर्धारित समयावधि बीत जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
समाजसेवी सोनू करवरिया ने अब इस प्रकरण में प्रथम अपीलीय प्राधिकारी — नगर पंचायत मामले में एडीएम (ADM) बांदा और लोक निर्माण विभाग के मामले में अधीक्षण अभियंता (SE) PWD बांदा को अपील प्रस्तुत की है।
उन्होंने कहा कि “जब कानून के तहत नागरिक को सूचना पाने का अधिकार दिया गया है, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जानकारी न देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। यह रवैया तानाशाही जैसा प्रतीत होता है।”
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रथम अपीलीय प्राधिकारी अपीलकर्ता को समय पर सूचना उपलब्ध कराते हैं या फिर समाजसेवी को राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
