रिपोर्ट–सन्तोष कुमार सोनी
करतल- जैसा कि आप सभी जानते भी हैं तथा देख भी रहे हैं की शासन द्वारा जनहित में संचालित महत्वपूर्ण नमामि गंगे परियोजना के तहत समूचे बांदा जनपद में हर घर नल जल पहुंचाने को लेकर हर शहर हर गाँव की सड़कों को कार्यदायी संस्थाओं द्वारा भीमकाय मशीनों द्वारा किस प्रकार से तहस नहस कर दिया गया था जिन्हें शहरों में तो किसी ना किसी भय बस छत विक्षत रास्तों का मरम्मतीकरण कर ही दिया गया लेकिन समूचे जनपद में हजारों गाँव की गलियां विभागीय जिम्मेदार एवं ठेकेदारो के आपसी सांठगांठ से आज भी अपनी दुर्दशा पर कराह रही हैं जिसमें ब्लॉक नरैनी अंतर्गत कई गाँव तो ऐसे भी हैं जिसमें सड़क मरम्मत तो दूर अभी सप्लाई पाइप ही नहीं डाले गये कनेक्शन तो दूर की बात है जबकि गावों के सभी रास्ते अभी भी ध्वस्त हैं जिसके चलते वर्तमान में जहाँ होने वाली बरसात के चलते ध्वस्त सड़कों में कीचड़ के अलावा बड़ी बड़ी घास तक उग आयी है जिससे इन टूटे रास्तों में आयेदिन ग्रामीण एवं पशु गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं फिर भी विभागीय जिम्मेदार फर्जी आंकड़े दिखाते हुये अपनी उपलब्धि पर वाहवाही कर सीना ठोंक रहा है जिसके चलते अधिकतर ग्रामीण लोगों का मानना है की विभागीय उदासीनता एवं ठेकेदारो की जा रही मनमानी से हमारे यहाँ पर स्वच्छ पानी का मिलना सिर्फ एक सपना ही नजर आ रहा है और शासन के दावे महज लालीपॉप जबकि विभागीय जिम्मेदार एवं ठेकेदारो की सांठगांठ से जहाँ एक ओर शासन की इस महत्वपूर्ण योजना को पलीता लगाते हुये फर्जी भुगतान कर मजे कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्रदेश के तेज तर्रार, जनहितैषी, यशस्वी मुख्यमंत्री योगी जी के आदेशों को भी ठेंगा दिखाते हुये चारों तरफ फर्जी आंकड़ों के तहत अपनी अकर्मण्यता छिपाते हुये वाहवाही कर सीना ठोंक रहे हैं जबकि लोगों की परेशानी इनके ठेंगे से!