सनत कुमार बुधौलिया
उरई ।
जिलाधिकारी समीर की अध्यक्षता में टीवी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जोश टीम की समन्वय बैठक, सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स तथा विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को अभियान की सफलता के लिए आपसी समन्वय के साथ प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी ने टीवी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि क्षय रोग (टीबी) एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीबी के संभावित मरीजों की पहचान के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया जाए। मरीजों को समय से उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके नियमित फॉलोअप पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को बीमारी के प्रति जागरूक करने तथा उपचार के दौरान उनका मनोबल बनाए रखने के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। जोश टीम के सदस्यों को भी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान के दौरान कोई भी पांच वर्ष तक का बच्चा पोलियो की खुराक पीने से वंचित न रहे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा माइक्रोप्लान तैयार कर सभी निर्धारित बूथों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कर अभिभावकों को बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने अभियान की निगरानी के लिए गठित टीमों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों के लक्षण, बचाव एवं उपचार के प्रति जागरूक करने को कहा।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े इन अभियानों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए अभियान की नियमित निगरानी करें, ताकि जनपद को टीबी, पोलियो एवं संचारी रोगों से मुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी परिणाम प्राप्त हो सकें।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी एच०एन० प्रसाद सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।