शिव शर्मा की रिपोर्ट
मोहला, । कलेक्टर श्रीमती तनुजा सलाम ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला निर्माण समिति की बैठक लेकर जिले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण एवं अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास जिले के समग्र विकास की पहली प्राथमिकता है। इसलिए सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करना सुनिश्चित करें। निर्माण कार्यों की गति एवं गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री उज्जवल पोरवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार उपस्थित थे।
कलेक्टर श्रीमती सलाम ने बैठक में ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्वच्छ भारत मिशन, मत्स्य पालन विभाग, समग्र शिक्षा सहित विभिन्न मदों के अंतर्गत स्वीकृत ऑडिटोरियम, अतिरिक्त कक्ष, महतारी सदन, आईटीआई एवं लाइब्रेरी भवनों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लंबे समय से बंद पड़े तथा धीमी गति से संचालित निर्माण कार्यों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
कलेक्टर ने कहा कि जिले में विभिन्न शासकीय संस्थानों एवं नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए अधोसंरचना विकास के कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जिला निर्माण समिति के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने तथा निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती सलाम ने लंबे समय से निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करने वाले तथा कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 15 दिवस के भीतर कार्य प्रारंभ नहीं करने की स्थिति में ऐसे ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा कार्यों की प्रगति में आ रही बाधाओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों को संबंधित विभागों को शीघ्र हस्तांतरित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्मित भवनों एवं सुविधाओं का उपयोग जनहित में किया जा सके। बैठक के दौरान उन्होंने ठेकेदारों से निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं की जानकारी भी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी निर्माण कार्यों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए जिले में अधोसंरचना विकास को गति प्रदान करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।