राघवेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
उरई (जालौन)। विजयदशमी के पावन अवसर पर उरई में दशहरा पर्व श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान प्रतीकात्मक युद्ध के बाद रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। देखते ही देखते दशानन का पुतला आग की लपटों में घिर गया और पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
दशहरा पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। रावण दहन के दौरान बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम देखने के लिए जुटे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर उत्साह नजर आया। रावण के पुतले में आग लगते ही लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए और बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया।
असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक बना रावण दहन
दशहरा पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। रावण दहन के माध्यम से लोगों को अहंकार, अन्याय और बुराइयों का त्याग कर सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता रही, ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
संदेश: दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध और बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का अवसर भी है।