राघवेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
विसर्जन को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, शांति व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के मद्देनजर बरती गई सतर्कता।
जालौन। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के समापन के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ देखने को मिला। नौ दिनों तक मां दुर्गा की आराधना में लीन रहे श्रद्धालुओं ने पूजा-पंडालों में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर मां को विदाई दी। इस दौरान वातावरण मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर जहां मां के प्रति अटूट आस्था और भक्ति दिखाई दी, वहीं विदाई के क्षणों में कई भक्त भावुक भी नजर आए।
जयकारों के बीच निकलीं विसर्जन यात्राएं
नवरात्रि के दौरान स्थापित की गईं मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाने से पहले पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धालु प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थलों की ओर रवाना हुए। विसर्जन यात्राओं में शामिल भक्तों ने मां के जयकारे लगाते हुए अपनी आस्था का प्रदर्शन किया। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। पूरी यात्रा के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा।
विसर्जन यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छी सेहत, खुशहाली और क्षेत्र की उन्नति की कामना की। जगह-जगह मां के दर्शन कर लोगों ने आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह ने नवरात्रि के नौ दिनों तक चले धार्मिक आयोजनों की यादों को एक बार फिर ताजा कर दिया।
विदाई के समय भावुक हुए श्रद्धालु
मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विदाई देने का क्षण श्रद्धालुओं के लिए भावुक कर देने वाला रहा। नौ दिनों तक मां की पूजा-अर्चना और आराधना करने के बाद जब प्रतिमाएं विसर्जन के लिए रवाना हुईं, तो भक्तों ने नम आंखों से मां को विदाई दी। श्रद्धालु ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ और ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाते हुए मां से अगले वर्ष फिर आगमन की प्रार्थना करते दिखाई दिए।
भक्तों का मानना है कि मां दुर्गा की आराधना से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि का संचार होता है। इसी विश्वास और आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने मां से अपने परिवार और समाज पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था अहम
प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहा। विसर्जन स्थलों पर भीड़ के प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतने की आवश्यकता रही। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही प्रतिमाओं का विसर्जन करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
साथ ही विसर्जन के दौरान नदी, तालाब या अन्य जलस्रोतों में उतरते समय विशेष सावधानी बरतने, बच्चों को अकेले पानी के पास नहीं जाने देने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने की अपील की गई।
आस्था, उल्लास और भावनाओं के साथ संपन्न हुआ धार्मिक पर्व
नवरात्रि के समापन पर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन श्रद्धालुओं के लिए केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा अवसर रहा। नौ दिनों तक चले पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के बाद मां को विदाई देते समय भक्तों ने एक बार फिर अगले वर्ष मां के आगमन की कामना की।
‘मां दुर्गा अगले बरस फिर आना’ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने मां को विदाई देते हुए सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इसी के साथ नवरात्रि के धार्मिक आयोजनों का समापन भक्ति और श्रद्धा के माहौल में हुआ।