निज संवाददाता
लखनऊ – क्राफ्टिज़न फाउंडेशन एवं चेतना संस्थान, सेक्टर-सी, अलीगंज के संयुक्त तत्वावधान में क्रेता-विक्रेता मिलन एवं दशहरा मेले का भव्य आयोजन किया गया। मेले का उद्देश्य विशेष बच्चों द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना तथा उनकी प्रतिभा एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर चेतना संस्थान के बच्चों द्वारा रामलीला का मंचन किया गया जिसमें राम जन्म से लेकर रावण वध तत्पश्चात् भगवान राम को राजगद्दी का भव्य आयोजन किया। रामलीला के पश्चात् संस्थान के बच्चों द्वारा प्रस्तुत टैलेंट से बच्चों ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से सभी का मन मोह लिया। विशिष्ट अतिथि प्रज्ञा त्रिपाठी की तीन वर्षीय पुत्री प्रिया ने हनुमान अंश के गीत “जब जिद पर आ गई पार्वती …..” से सभी का मनमोह लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संजय कुमार सिंह, उप निदेशक (प्रशासन), युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल, विशिष्ट अतिथि प्रज्ञा त्रिपाठी, जिला रोजगार अधिकारी, लखनऊ एवं रूप कुमार शर्मा अध्यक्ष, मानवाधिकार जनसेवा परिषद, लखनऊ उपस्थित रहे।
संस्थानों के बच्चों द्वारा निर्मित वस्तुओं का बिक्री हेतु प्रदर्शन
मेले में रेनबो सोसाइटी, पायसम (PYSSUM), आशा ज्योति, सीमा सेवा संस्थान एवं चेतना संस्थान ने स्टॉल लगाए। इनमें विशेष बच्चों द्वारा निर्मित दीपावली की मोमबत्तियाँ, साबुन, गृह सज्जा की वस्तुएँ एवं अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि संजय कुमार सिंह ने संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने का कार्य संस्थान द्वारा किया जा रहा है। जिला रोजगार अधिकारी प्रज्ञा त्रिपाठी ने आश्वासन दिया कि भविष्य में विशेष बच्चों के लिए भी रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के समान अवसर मिल सकें और समाज में उन्हें समान दृष्टि से देखा जाए। उनकी इस पहल से बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगी। रूप कुमार शर्मा ने बच्चों के द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना करते हुए लोगों से आह्वान किया कि संस्थान के उत्पादों को अवश्य खरीदें। बच्चों को सहानुभूति नहीं वरन् सहानुभूति की आवश्यकता है।
यह आयोजन क्राफ्टिज़न फाउंडेशन एवं जैन लेडीज़ क्लब (JLC) के सहयोग से संपन्न हुआ। चेतना संस्थान के सचिव दिनेश प्रताप सिंह, वोकेशनल इंचार्ज निरुपमा सिंह सहयोगी प्रियंका तिवारी एवं क्राफ्टिज़न फाउंडेशन के हरिमोहन एवं जोनल मैनेजर नीरज सहित सभी सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यह मेला विशेष बच्चों के हुनर को पहचान दिलाने, उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल रहा।