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अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा, उत्तर प्रदेश। गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में कुर्क की गई लगभग 41.66 लाख रुपये की संपत्ति को मुक्त कराने की मांग पर बांदा स्थित विशेष गैंगस्टर न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने विकास कुमार गुप्ता पुत्र लालाराम गुप्ता, निवासी साहब नगर, कल्याणपुर, थाना कल्याणपुर, जनपद कानपुर नगर की ओर से दाखिल आवेदन निरस्त कर दिया। न्यायालय ने कार और पोकलैंड मशीन को कुर्की से मुक्त करने की मांग स्वीकार नहीं की।
गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में हुई थी संपत्ति कुर्क
मामला थाना कालिंजर, जनपद बांदा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 79/2022, धारा 2/3, उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 से संबंधित है।
अभिलेखों में अभियुक्त के विरुद्ध थाना कालिंजर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 37/2022 का भी उल्लेख है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 411, खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 4/21 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 का उल्लेख किया गया है।
गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे से संबंधित कार्रवाई के दौरान जिला मजिस्ट्रेट, बांदा ने अधिनियम की धारा 14(1) के अंतर्गत संपत्तियों की कुर्की का आदेश पारित किया था। इसके विरुद्ध संपत्ति मुक्त कराने के लिए न्यायालय में आवेदन दाखिल किया गया।
₹41.66 लाख की कार और पोकलैंड मशीन हुई थीं कुर्क
कुर्क संपत्तियों में निशान कार संख्या UP-78 CR-7485 शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2,24,678 तथा पोकलैंड मशीन संख्या S-200-54592 की अनुमानित कीमत ₹39,41,250 दर्ज की गई थी।
दोनों संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत ₹41,65,928 यानी लगभग 41.66 लाख रुपये है।
आय के स्रोत और दस्तावेजों पर न्यायालय ने की विस्तृत समीक्षा
आवेदक की ओर से दलील दी गई कि उसके पास कृषि भूमि, ठेकेदारी, व्यवसाय तथा अन्य माध्यमों से आय के स्रोत हैं। कार की खरीद के लिए वित्तीय सुविधा लेने तथा पोकलैंड मशीन को किराये पर चलाकर आय प्राप्त करने का भी दावा किया गया। इसके समर्थन में आयकर रिटर्न, कृषि भूमि से संबंधित अभिलेख, मशीन की किस्तों के विवरण तथा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
वहीं, विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह ने राज्य की ओर से पक्ष रखते हुए संपत्ति को मुक्त किए जाने का विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि संपत्तियों की खरीद के लिए वैध आय का स्रोत ठोस और विश्वसनीय दस्तावेजों से स्थापित होना आवश्यक है। केवल व्यवसाय, कृषि और किराये से आय प्राप्त होने का दावा करना पर्याप्त नहीं है।
मशीन की किस्तों, आयकर रिटर्न और किराये की आय पर न्यायालय की महत्वपूर्ण टिप्पणियां
न्यायालय ने अपने निर्णय में पोकलैंड मशीन की किस्तों, आयकर रिटर्न में प्रदर्शित आय तथा किराये से प्राप्त होने वाली कथित आय का परीक्षण किया।
न्यायालय ने पाया कि आवेदक की ओर से प्रस्तुत वित्तीय दस्तावेजों के आधार पर विवादित संपत्तियों की खरीद के लिए पर्याप्त वैध आय का संतोषजनक स्रोत स्थापित नहीं हो सका।
न्यायालय ने कृषि भूमि से आय प्राप्त होने तथा मशीन और कार को किराये पर चलाने के दावों से संबंधित दस्तावेजों पर भी विचार किया। निर्णय में उपलब्ध अभिलेखों की पर्याप्तता और आय के दावों के समर्थन में साक्ष्यों की कमी को महत्वपूर्ण माना गया।
विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने किया कुर्की का समर्थन
राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह ने न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष रखा। उन्होंने संपत्तियों की खरीद के स्रोत, वित्तीय अभिलेखों और आवेदक की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर कुर्की का समर्थन किया।
दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद विशेष न्यायालय ने संपत्ति मुक्त कराने के आवेदन को स्वीकार करने का आधार नहीं पाया।
न्यायालय ने आवेदन किया खारिज
विशेष न्यायालय ने अपने निर्णय में निष्कर्ष निकाला कि आवेदक कुर्कशुदा कार और पोकलैंड मशीन को मुक्त कराने के लिए संतोषजनक आधार स्थापित नहीं कर सका। न्यायालय ने संपत्तियों को अपराध से अर्जित धन से खरीदे जाने के संबंध में निष्कर्ष दर्ज करते हुए आवेदन निरस्त कर दिया।
इस प्रकार, गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में कुर्क की गई लगभग ₹41.66 लाख की कार और पोकलैंड मशीन को मुक्त कराने की मांग खारिज हो गई।
न्यायालय ने आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेजने का निर्देश भी दिया।
इस महत्वपूर्ण मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर एक्ट) सौरभ सिंह ने अभियोजन पक्ष प्रस्तुत किया !