ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। रामलीला महोत्सव 2026 के दसवें दिन गोविंदेश्वर रामलीला भवन में बुंदेलखंड के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा राम-सुग्रीव मित्रता एवं बाली वध की लीला का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा।
लीला के प्रथम दृश्य में माता सीता की खोज करते हुए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण वन में भ्रमण करते हुए उस पर्वत की ओर पहुंचे, जहां बाली के भय से सुग्रीव निवास कर रहे थे। श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर सुग्रीव ने हनुमानजी को उनका परिचय जानने के लिए भेजा। हनुमानजी वेश बदलकर श्रीराम के पास पहुंचे और परिचय प्राप्त करने के बाद उन्हें अपने साथ सुग्रीव के पास ले गए।
हनुमानजी ने श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता कराई। सुग्रीव ने श्रीराम को अपने भाई बाली से जुड़े घटनाक्रम और अपने साथ हुए अन्याय की पूरी कहानी सुनाई। इसके बाद भगवान श्रीराम ने सुग्रीव की सहायता करते हुए बाली का वध किया। राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध के प्रसंग का कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन किया।
लीला में श्रीराम की भूमिका मनोज कुमार तिवारी ‘काजू महाराज’, लक्ष्मण की भूमिका शिपू पाराशर, हनुमानजी की भूमिका रवींद्र शुक्ला, बाली की भूमिका रमेश दुबे सिकरी राजा तथा सुग्रीव की भूमिका सुरेंद्र पाराशर ने निभाई। सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं हास्य कलाकार पंचम दीवाना ने अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को खूब हंसाया।
रामलीला में प्रथम आरती समिति अध्यक्ष शशिकांत दुबे एवं मंत्री पवन चतुर्वेदी ने की। पंडित महेश द्विवेदी ने मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान से आरती संपन्न कराई। लीला का संचालन राजकुमार मिझौना ने किया।