*आवारा जानवर बने ‘सड़क का खतरा’, बचाने के चक्कर में ई-रिक्शा समेत खंदक में गिरा चालक* 0- भिटारा के पास लगातार दूसरे दिन हादसा, एक दिन पहले ट्रक भी हुआ था दुर्घटनाग्रस्त

बृजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट

0- उरई-जालौन मार्ग पर बेसहारा जानवरों से बढ़ा खतरा, राहगीरों ने प्रभावी कार्रवाई की उठाई मांग
जालौन। उरई-जालौन मार्ग पर सड़क पर घूम रहे आवारा जानवर वाहन चालकों और राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं। भिटारा के समीप बुधवार को सड़क पर अचानक आए आवारा जानवर को बचाने के प्रयास में एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर चालक समेत सड़क किनारे खंदक में जा गिरा। गनीमत रही कि हादसे में किसी के चोटिल होने की सूचना नहीं है।
बताया जा रहा है कि ई-रिक्शा चालक उरई-जालौन मार्ग से गुजर रहा था। जैसे ही वह भिटारा के पास पहुंचा, तभी सड़क पर अचानक आवारा जानवर आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ई-रिक्शा पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क किनारे खंदक में जा गिरा।
एक दिन पहले ट्रक हुआ था हादसे का शिकार
चिंता की बात यह है कि इसी मार्ग पर एक दिन पहले भी आवारा जानवर के अचानक सड़क पर आने के कारण एक ट्रक हादसे का शिकार होकर खंदक में जा गिरा था। लगातार दूसरे दिन इसी क्षेत्र में ई-रिक्शा दुर्घटनाग्रस्त होने से राहगीरों और वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उरई-जालौन मार्ग, विशेषकर भिटारा के आसपास सड़क पर आवारा गोवंश व अन्य जानवरों की मौजूदगी लगातार खतरा बनी हुई है। अचानक जानवर सामने आने पर वाहन चालकों को तेज ब्रेक लगाने अथवा वाहन मोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
राहगीरों ने प्रशासन से सड़क पर घूम रहे आवारा गोवंश व अन्य जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उरई-जालौन मार्ग पर प्रभावी व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले इस समस्या पर अंकुश लगाया जा सके।

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