*राम-केवट संवाद ने मोहा मन, भावपूर्ण मंचन देख मंत्रमुग्ध हुए दर्शक* 0-पक्के तालाब पर सजी रामलीला, बुंदेलखंड के कलाकारों के संवाद और कटाक्ष पर खूब बजीं तालियां

बृजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट

0-नाव से तालाब पार कराए गए राम, लक्ष्मण और सीता, मनोहारी दृश्य ने जीवंत किया वनगमन प्रसंग
जालौन। रामलीला महोत्सव के आठवें दिन मंगलवार को नगर के पक्के तालाब के पास राम-केवट संवाद की मनोहारी लीला का मंचन किया गया। शाम करीब चार बजे शुरू हुई लीला में बुंदेलखंड के कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय और प्रभावशाली संवादों से ऐसा समां बांधा कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

 


राम की भूमिका में मनोज तिवारी उर्फ काजू महाराज तथा केवट की भूमिका में रमेश दुबे सिकरी राजा ने शानदार अभिनय किया। राम और केवट के बीच हुए भावपूर्ण संवाद ने जहां श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बनाया, वहीं दोनों कलाकारों के चुटीले कटाक्ष और संवादों ने दर्शकों को खूब आनंदित किया। कलाकारों की प्रस्तुति पर बार-बार तालियां गूंजती रहीं।
कार्यक्रम के दौरान पंचम दीवाना की कला और प्रस्तुति का भी दर्शकों ने भरपूर लुत्फ उठाया। रामलीला मंचन के बाद पक्के तालाब में वनगमन का आकर्षक दृश्य प्रस्तुत किया गया। केवट ने नाव के माध्यम से भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को तालाब के दूसरे छोर तक पहुंचाया। तालाब में नाव पर सवार राम, लक्ष्मण और सीता का दृश्य देखकर उपस्थित श्रद्धालुओं ने खूब सराहना की।
लीला का संचालन राजकुमार मिझौना द्वारा किया गया। आयोजन की शुरुआत दीपक मित्तल, शशिकांत दुबे, पवन चतुर्वेदी,समेत रामलीला समिति के अन्य सदस्यों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी। इस दौरान बड़ी संख्या में नगरवासी एवं रामलीला प्रेमी मौजूद रहे।

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