अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बाँदा। बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (BUAT), बाँदा के वानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय स्तर की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। महाविद्यालय की पूर्व छात्रा सुश्री रितिका श्रीवास्तव ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम रैंक (AIR-1) प्राप्त की, जबकि वर्तमान विद्यार्थी श्री शीतांशु गुप्ता ने आठवीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
श्री शीतांशु गुप्ता का चयन केरल कृषि विश्वविद्यालय में पीएचडी हेतु हुआ है। वहीं, श्री रत्नेश सिंह ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा श्री आर्यन द्विवेदी ने रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी में डॉक्टरेट अध्ययन हेतु प्रवेश प्राप्त किया है। महाविद्यालय की पूर्व छात्रा सुश्री रितिका श्रीवास्तव ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम रैंक प्राप्त करने के बाद नवसारी कृषि विश्वविद्यालय, गुजरात में पीएचडी अध्ययन के लिए प्रवेश लिया है।
इस प्रकार, वानिकी महाविद्यालय के वर्तमान एवं पूर्व विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम एवं आठवीं रैंक सहित देश के प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्राप्त कर महाविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रदर्शित किया है।
कुलपति ने दी बधाई
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा वानिकी महाविद्यालय के शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, समर्पण और प्रतिभा के साथ-साथ विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समर्पित शिक्षकों तथा उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चयनित विद्यार्थी भविष्य में अपने शोध एवं नवाचार के माध्यम से वन संरक्षण, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देंगे।
वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. संजीव कुमार ने भी सभी सफल विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता अन्य विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने महाविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों में शोध-अभिरुचि, नवाचार, नेतृत्व क्षमता तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
वानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने के साथ-साथ क्षेत्र की प्रतिभाओं के राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रेरणादायक उदाहरण है।