बृजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। रामलीला महोत्सव-2026 के सातवें दिन नगर के गोविंदेश्वर स्थित रामलीला भवन में बुंदेलखंड के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा राम वनगमन लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास दिए जाने और अयोध्यावासियों के दुख का दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो उठे।
लीला के प्रथम दृश्य में राजा दशरथ गुरु वशिष्ठ के पास पहुंचकर श्रीराम को अयोध्या का राजा बनाए जाने के संबंध में अनुमति लेते हैं। गुरु की सहमति मिलने के बाद राजा दशरथ श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा कर देते हैं। श्रीराम के राजा बनने की खबर से अयोध्या में खुशी का माहौल छा जाता है।
इसी बीच मंथरा रानी कैकेयी को समझाती है कि वह अपने पुत्र भरत को राजा बनवाएं और श्रीराम को 14 वर्ष के लिए वनवास भेजने का वरदान मांगें। मंथरा की बातों में आकर कैकेयी कोपभवन में चली जाती हैं। जब राजा दशरथ को कैकेयी के कोपभवन में होने की जानकारी मिलती है तो वह वहां पहुंचकर नाराजगी का कारण पूछते हैं।
कैकेयी राजा दशरथ को उनके द्वारा पूर्व में दिए गए दो वरदानों की याद दिलाती हैं। पहले वरदान में भरत के लिए अयोध्या का राजसिंहासन और दूसरे में श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगती हैं। यह सुनते ही राजा दशरथ स्तब्ध रह जाते हैं। श्रीराम के वनवास की खबर अयोध्या में फैलते ही हाहाकार मच जाता है और हर कोई दुखी हो उठता है। श्रीराम माता कौशल्या की आज्ञा लेकर लक्ष्मण और माता सीता के साथ वन के लिए प्रस्थान करते हैं।
लीला में श्रीराम की भूमिका मनोज तिवारी उर्फ काजू महाराज, लक्ष्मण की भूमिका सीपू पारासर खकसीस,जानकी की भूमिका रामदूत तिवारी, कैकेयी की भूमिका भगवान दास इंदरगढ़ तथा राजा दशरथ की भूमिका रमेश दुबे सिकरी राजा ने निभाकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं हास्य कलाकार पंचम दीवाना ने अपनी हास्य कला से दर्शकों को जमकर हंसाया।
लीला का संचालन राजकुमार मिझोना ने किया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर मंत्री पवन चतुर्वेदी एवं अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी ने संयुक्त रूप से भगवान की प्रथम आरती उतारी। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक रामलीला भवन में मौजूद रहे।