अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा: 10 फरवरी- जिस तरह प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के जरिए लोगों को सस्ते दरों में गुणवत्ता युक्त दवाएं मिलती हैं। उसी तर्ज पर अब योगी सरकार पशुपालकों के लिए पशु जन औषधि केंद्र खोलने जा रही है। जिससे पशुपालकों को सस्ती व गुणवत्तायुक्त दवाएं उपलब्ध हो सकें। सरकार का उद्देश्य है कि पशुपालकों को उनके विकास खंडों पर ही पशुओं के लिए दवाएं मिल सके। विकासखंड स्तर पर पशु औषधि केंद्र के खुल जाने के बाद पशुपालकों को दबाओं के लिए इधर-उधर नहीं भटकना होगा और यह दवाएं कम कीमत में मिलेगीं। जिससे पशुधन स्वास्थ्य में सुधार होगा और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
*जिले के 8 विकास खण्डों में खोले जाने हैं पशु जन औषधि केंद्र*
बांदा जिले में कृषि व पशुपालन ही लोगों का मुख्य व्यवसाय है।जिसके जरिए लोग अपना भरण पोषण करते हैं। जिले में 8 ब्लॉक है जिममें पशु जन औषधि केंद्र खोले जाने हैं और इसको लेकर विभाग द्वारा प्रचार प्रसार भी किया जा रहा है। जिस आवेदक को पशु जन औषधि केंद्र खोलना है उसके लिए फार्मेसी का डिप्लोमा आवश्यक है। साथ ही मेडिसिन का लाइसेंस होना भी जरूरी है। इसके बाद ही पशु जन औषधि केंद्र के लिए आवेदक अपना आवेदन कर सकता है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवकुमार बैस ने बताया कि जैसे लोगों के लिए सरकार द्वारा जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। उसी तरह सरकार अब पशु जन औषधि केंद्र खोलने जा रही है। बांदा जिले के 8 विकास खंडों में एक-एक जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। जिसके जरिए पशुपालकों को लाभ पहुंचाने का काम किया जाएगा। इन्होंने बताया कि पशु जन औषधि केंद्र खोले जाने के बाद पशुपालकों को उनके क्षेत्र में ही सस्ती दरों पर सही समय में दवाएं मिल जाएंगीं। जिससे उनके पशु स्वस्थ रहेंगे और दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। जिससे पशुपालकों की आय बढ़ेगी वही अच्छा दूध मिलाने से बच्चों में कुपोषण की जो समस्या है वह भी दूर होगी। क्योंकि दुग्ध उत्पादन बढ़ने से गरीब बच्चों तक दूध पहुंच सकेगा।
