सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। मा० उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 13 दिसम्बर 2025 को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता सुनिश्चित किये जाने हेतु माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह के कुशल मार्ग दर्शन में आज जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक एवं जिले के समस्त बैंको के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक जिला दीवानी न्यायालय परिसर में सम्पन्न हुयी।
अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पँवार ने सभी बैंक प्रबन्धकों से कहा कि बकाया ऋण के ऐसे मामले जिनमें सुलह-समझौते की सम्भावना हो किन्तु वह पूर्व की लोकअदालतों में नियत न किये गये हो, को प्राथमिकता के आधार पर आगामी राष्ट्रीय लोकअदालत हेतु चिन्हित किया जाना चाहिये। ऐसे चिन्हित मामलों की सूची और उनके दावे/वादपत्र तत्काल तैयार कराकर अतिशीघ्र अग्रिम कार्यवाही हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में दाखिल किया जाये।
उन्होंने बैंक प्रबन्धकों को निर्देशित किया कि वह उपभोक्ताओं को ब्याज में अधिक से अधिक छूट देने के लिये आवश्यक तैयारी पहले से कर ले। उन्होंने कहा कि विगत लोक अदालतों में कई बकायेदार रकम जमा करने को तैयार दिखायी दिये थे लेकिन बैंकर्स ने उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति इस बार नहीं होनी चाहिये। बैंकों के अधिकारियों को अवगत कराया गया कि इस लोक अदालत हेतु बैंकों के बकाया ऋण/एन०पी०ए० से सम्बन्धित मामले प्री-लिटिगेशन केस के रूप में चिन्हित किये जा रहे हैं, जिनमें कम से कम दो बार नोटिस भेजे जाये तथा नोटिसों के प्रेषण के साथ राष्ट्रीय लोकअदालत के प्रचार-प्रसार हेतु पैम्फलेट्स का भी वितरण किया जाये।
आज सम्पन्न बैठक में जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक श्री अनुराग सक्सेना, भारतीय स्टेट बैंक से श्री सुजीत सिंह, यू०पी० ग्रामीण बैंक से श्री कृष्णकान्त, बैंक ऑफ बड़ोदा से श्री नरेन्द्र बुधौलिया, आई०सी०आई०सी०आई० बैंक से श्री शेर सिंह, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया से श्री विनय कुमार, इंडियन ओवरसीज बैंक से श्री दिवाकर श्रीवास्तव, पंजाब एण्ड सिन्ध बैंक से श्रीमती नेहा तथा जिला कॉर्डिनेटर इण्डियन बैंक से श्री भुवन सिंह से मयंक सिंह उपस्थित रहे।
