अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे के अवसर पर इंस्टीट्यूट फॉर वाटर एंड क्लाइमेट इनिशिएटिव्स (IWCI) ने शिक्षा विभाग के सहयोग से पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बिसंडी खुर्द में हाथ धोने और व्यक्तिगत स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साबुन और पानी से सही तरीके से हाथ धोने तथा स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
विद्यार्थियों को भोजन से पहले, शौचालय के उपयोग के बाद और गंदगी के संपर्क में आने पर हाथ धोने का महत्व समझाया गया। हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन करते हुए उन्हें अपने परिवार और समुदाय में स्वच्छता का संदेश फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में रफाकत हुसैन खान, वरुण श्रीवास्तव (स्वास्थ विभाग) श्री फूलचंद्र (ABRC), शिक्षा विभाग, तथा प्रशंसा गुप्ता और नवल किशोर, IWCI उपस्थित रहे।
स्वच्छता के संदेशवाहक बनें बच्चे
रफाकत हुसैन खा ने कहा कि बचपन से हाथ धोने की आदत बच्चों को बीमारियों से बचाने में मदद करती है। वरुण श्रीवास्तव ने स्वच्छता को स्वस्थ समाज की नींव बताया। फूलचंद्र ने कहा कि विद्यालयों की गतिविधियाँ स्वच्छता का संदेश परिवारों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
प्रशंसा गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, IWCI ने कहा, “सुरक्षित पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हैं। बच्चे हाथ धोने की आदत अपनाकर अपने परिवार और समुदाय के लिए स्वच्छता के नायक बन सकते हैं। IWCI विद्यालयों और समुदायों के साथ मिलकर सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है।”
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने तथा स्वच्छता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
IWCI जल, स्वास्थ्य, स्वच्छता और जलवायु संबंधी मुद्दों पर समुदायों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की सहभागिता से सकारात्मक बदलाव के लिए कार्यरत है।