सोनू करबरिया की विशेष रिपोर्ट
नरैनी। कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो मासूम बच्चों के चर्चित दोहरे हत्याकांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी चार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। वहीं, पीड़ित परिवार भी आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर चिंतित है।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर क्या वजह है कि पुलिस अब तक फरार आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है? लोगों के बीच यह चर्चा भी हो रही है कि कहीं आरोपियों को किसी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण तो प्राप्त नहीं है, जिसके चलते उनकी गिरफ्तारी में देरी हो रही है। हालांकि, इन चर्चाओं और आशंकाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पीड़ित परिवार ने जताई चिंता
मामले में पीड़ित भइयाराम राजपूत ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चिंता जताई है। वहीं, कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की आरोपियों से कथित मिलीभगत को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (विशेष जांच दल) जांच में जुटी है। ऐसे में लोगों की निगाहें जांच के नतीजों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं।
प्रताप सिंह की एंट्री से बढ़ीं उम्मीदें
नंदवारा गांव के चर्चित हत्याकांड का खुलासा करने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के बीच नए कोतवाली प्रभारी प्रताप सिंह की एंट्री को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कदम उठाएगी और मामले में जल्द सफलता मिल सकती है।
कोतवाली प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद लोगों में यह विश्वास जगा है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और गिरफ्तारी की दिशा में ठोस कार्रवाई करेगी। हालांकि, अब देखना यह होगा कि नए प्रभारी इस संवेदनशील मामले में कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की दिशा में क्या परिणाम सामने आते हैं।
अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
दो मासूम बच्चों की हत्या से जुड़े इस संवेदनशील मामले में क्षेत्रवासियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और परिणाम का इंतजार है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि चारों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी और इस जघन्य वारदात से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा कब तक हो पाएगा।
अब देखना होगा कि पुलिस फरार आरोपियों तक पहुंचने में कब सफलता हासिल करती है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की राह कितनी जल्दी साफ होती है।